सर्किट हाउस में कबीना मंत्री धर्मपाल की समीक्षा बैठक, कहा आवारा जानवरों को किया जाएगा नियंत्रित

-गो आश्रय स्थल में पशुओं की सुरक्षा एवं चिकित्सा के लिए चलेगी मोबाइल वैन 1962 

बांदा। गो संरक्षण केन्द्रों को हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्रामीण रोजगार का बडा जरिया बनाने जा रही है। इसके लिए योजना तैयार कर ली गयी है। हमारे प्रदेश भर के हजारों की संख्या में गा संरक्षण केन्द्रों में स्थानीय लोंगो की सहभागिता बढाकर उन्हें रोजगार से जोडा जायेगा। उपरोक्त विचार सर्किट हाउस सभागार में मंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास, राजनैतिक पेंशन, अल्प संख्यक, मुस्लिम वक्फ एवं हज तथा नागरिक सुरक्षा विभाग धर्मपाल सिंह ने व्यक्त किये। इस दौरान पशुधन मंत्री धर्मपाल ने छुट्टा पशुओं को नियंत्रित करने को अहम मुद्दा बताते हुए वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर भी सर्वे कराकर समाज के उत्थान के लिए आवश्यक कार्यवाही और स्कूल निर्माण आदि किए जाने की योजना बताई है। 

उन्होंने कहा कि गौवंशो की पूजन से वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित बनाया जाता था। गौवंश को किसान मुसीबत के रूप में देखनेे लगा है। जरूरत है इस समस्या के सकारात्मक समाधान की। बुन्देलखण्ड की बडी विडम्बना है कि जब तक गाय दूध देती है तब तक किसान उसे रखते हैं अन्यथा छोड देते हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री ने पशु क्रूरता अधिनियम की धारा किसनों पर लगायेगी और थानो पर मुकदमा भी पंजीकृत किया जायेगा। 

मंत्री सिंह ने कहा कि हद तो उस बात है जो सबको आश्रय देता है उनको हम निराश्रित कर देते हैं। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि समस्त पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया जाए कि अपने-अपने क्षेत्र पर भ्रमण कर गौवंशो का इलाज बेहतर ढंग से किया जाए और स्थानीय लोंगो को सीधे जोडा जाए। गौ संरक्षण केन्द्र और आश्रय स्थलों के साथ ही गौवंश के स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं स्वच्छता में स्थानीय लोंगो एवं जनप्रतिनिधियों की सहभागिता बनायी जाए। बताया कि जनपद में 292 अस्थायी निराश्रित गौ संरक्षण केन्द्र हैं तथा ग्रामीण अस्थायी निराश्रित गौवंश 47418 हैं। शहर में 05 गौ आश्रय स्थल हैं। कान्हा गौ आश्रय स्थल 03 है जिसमें 807 गौवंश संरक्षित हैं। 

उन्होंने कहा कि इन गौशालाओं से समाज को सहयोग से जोडने का कार्य किया जाए। मंत्री ने अवगत कराया कि गौ पालकों को गौ संरक्षण केन्द्र के लिए सरकार प्रति 02 एकड की जमीन पर 01 लाख 20 हजार रूपये का अनुदान दे रही है। गौ संरक्षण केन्द्रों पर शेड, पेयजल समेत तमाम मूलभूत सुविधायें उपलब्ध होंगी। गौवंशो के भरण-पोषण के लिए 30 रूपये धनराशि प्रति गौवंश हस्तान्तरित करायी जा रही है। मंत्री सिंह ने समीक्षा बैठक के दौरान भूसा दान को लेकर बताया गया कि सांसद, विधायक व भाजपा संगठन के पदाधिकारियों ने भूसा दान में सहभागिता निभाई है। 

उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि भूषा दान करने वाले कृषक भाइयों को सम्मानित किया जाए। सिंह ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने कार्य क्षेत्र पर जितने भी गौ आश्रय स्थल बने हुए हैं लगातार उनकी देखरेख एवं भ्रमण करते रहें। मुख्यमंत्री उ0प्र0 सरकार योगी आदित्यनाथ ने डाक्टर सहित मैटरनिटी मोबाइल वैन जिसका नं0 1962 होगा तथा उसमें एक डाक्टर, एक कम्पाउण्डर एवं एक ड्राइवर जो उपरोक्त नम्बर डायल करनेे पर शीघ्र मोबाइल वैन किसानों के घर पहंुचकर गौवंशो का इलाज करेगी। उन्होंने अपनी यात्रा का नाम ‘‘मातृ वन्दना एवं गौपालक यात्रा’’ दिया।