समाज कल्याण (विकास) विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्ति उठाएं योजना का लाभ

मऊ : उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि० द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की आर्थिक उत्थान हेतु जिनकी ग्रामीण क्षेत्रों में वार्षिक आय-46080 रूपये एवं नगरीय क्षेत्रों में वार्षिक आय-56460 रु0 से कम है, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु निम्नलिखित योजनाएं संचालित है। 

पं0 दीनदयाल उपाध्याय स्व-रोजगार योजना- योजनान्तर्गत राष्ट्रीयकृत बैंकों के सहयोग से कृषि/उद्योग/सेवा एवं व्यवसाय क्षेत्र की विभिन्न रोजगारपरक योजनायें गरीबी की रेखा के नीचे निवास करने वाले अनुसूचित जाति के परिवारों को उनकी अभिरूचि एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर रू0 20000 हजार से रू० 1500000 लाख तक की योजनाये उपलब्ध करायी जाती है।

नगरीय क्षेत्र दुकान निर्माण योजना के अन्तर्गत नगरीय क्षेत्रों में ऐसे अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा के नीचे निवासरत पात्र व्यक्तियों जिनके पास निजी भूमि 13.32 वर्ग मीटर व्यवसायिक विकसित स्थल पर उपलब्ध है को स्वरोजगार स्थापित किये जाने हेतु दुकान निमार्ण योजना संचालित है।

लान्ड्री एवं ड्राईक्लीनिंग योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा के नीचे निवासरत पात्र व्यक्तियों के लिए रू० एक लाख तथा रू० 2.16 लाख लागत की परियोजनाए है। परियोजनान्तर्गत रू0 10000 अनुदान तथा शेष व्याज मुक्त ऋण के रूप में दी जाती है।

टेलरिंग शाप योजनान्तर्गत गरीबी रेखा के नीचे निवासरत अनुसूचित जाति के पात्र युवक/युवक्तियोग को स्वरोगार के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इस योजना की लागत रू0 20000 निर्धारित है जिसमें प्रति इकाई अधिकतम रू0 10000 अनुदान एवं रू० 10000 ब्याज मुक्त ऋण 3 वर्ष में मासिक किस्तों में जमा करना होगा।  

उक्त समस्त योजनाओं में लाभ प्राप्त करने हेतु ग्रामीण क्षेत्र के पात्र व्यक्ति अपने विकास खण्ड में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी (स०क०) अथवा खण्ड विकास अधिकारी से एवं नगरीय क्षेत्र के पात्र व्यक्ति कार्यालय जिला समाज कल्याण अधिकारी, (विकास)/जिला प्रबन्धक, उ०प्र० अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि० विकास भवन मऊ में किसी भी कार्य दिवस में जानकारी प्राप्त कर उक्त योजनाओं मे आवेदन कर सकते हैं।