SRH vs KKR Analysis: शाहरुख खान की टीम को उनके पुराने इस खिलाड़ी ने ही हराया

कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम एक बार फिर से अपने पुराने अंदाज के अनुसार खेल रही है। एक-दो मैच जीतने के बाद टीम को लगातार दो-तीन मैच में हार की आदत हो गई है। यही आईपीएल के 15वें सीजन में भी देखने को मिल रहा है। लगातार दो मैच जीतने के बाद अभिनेता शाहरुख खान की टीम अब लगातार दो मैचों में हार गई है। इस बार उसे अपने पुराने खिलाड़ी ने ही हराया है।

फ्रेंचाइजी ने नीलामी में दाएं हाथ के बल्लेबाज राहुल त्रिपाठी को नहीं खरीदा था। राहुल को सनराइजर्स हैदराबाद ने 8.50 करोड़ रुपये में खरीदा था। कोलकाता ने उनके लिए सबसे बड़ी बोली छह करोड़ की लगाई थी। उसके बाद फ्रेंचाइजी आगे नहीं बढ़ी। राहुल इतने महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं कि उनके लिए चेन्नई सुपरकिंग्स जैसी बड़ी टीम ने भी 8.25 करोड़ रुपये तक की बोली लगाई थी। त्रिपाठी ने सनराइजर्स के लिए खेलते हुए कोलकाता के खिलाफ शानदार 71 रन बनाए। 37 गेंदों की पारी में उन्होंने चार चौके और छह छक्के लगाए।

मैच में टर्निंग पॉइंट

1. पावरप्ले में कोलकाता ने तीन विकेट गंवाए: टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता की शुरुआत खराब रही। शुरुआती छह ओवरों (पावरप्ले) में टीम ने तीन विकेट गंवा दिए। दूसरे ओवर में एरॉन फिंच, पांचवें ओवर में वेंकटेश अय्यर और सुनील नरेन चलते बने। टीम ने पावरप्ले में सिर्फ 38 रन बनाए। खराब शुरुआत के कारण कोलकाता बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच सकी।

2. श्रेयस अय्यर फेल: कोलकाता के कप्तान श्रेयस अय्यर सेट होने के बाद गलत समय पर आउट हो गए। उन्होंने 25 गेंदों का सामना कर लिया था। 28 रन के निजी स्कोर पर उमरान मलिक की गेंद पर बोल्ड हो गए। अय्यर ने जल्दबाजी दिखाई और अपना विकेट गंवाया। 10वें ओवर में उनके आउट होने से कोलकाता की पारी धीमी हो गई।

3. वरुण चक्रवर्ती ने एक ओवर में 18 रन दिए: सात ओवर में सनराइजर्स की टीम ने दो ओवर में 59 रन बना लिए थे। आठवें ओवर में कोलकाता ने अपने सबसे विश्वसनीय गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती को बुलाया। फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिटेन भी किया था। कप्तान श्रेयस अय्यर को वरुण से बेहतरीन गेंदबाजी की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने निराश किया। अपने पहले ही ओवर में वरुण ने 18 रन दे दिए। राहुल त्रिपाठी ने उनके ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाया। यहां से मैच सनराइजर्स की ओर पूरी तरह मुड़ गया।

कोलकाता के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?

सकारात्मक पक्ष: बल्लेबाजी में टीम के हित में दो ही काम हुए। नीतीश राणा और आंद्रे रसेल ने अच्छी पारी खेली। राणा ने 36 गेंद पर 54 और रसेल ने 25 गेंद पर नाबाद 49 रन बनाए। गेंदबाजी की बात करें तो उमेश यादव और सुनील नरेन ही प्रभावशाली दिखे। हालांकि, दोनों को विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने रन नहीं लुटाए। उमेश ने चार ओवर में 31 और सुनील ने चार ओवर में 23 रन दिए। 

नकारात्मक पक्ष: कोलकाता की खराब बल्लेबाजी का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि तीन खिलाड़ियों को छोड़कर छह तो दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। अय्यर, नीतीश राणा और आंद्रे रसेल ही दहाई के आंकड़े को पार कर सके और टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया। वेंकटेश अय्यर, एरॉन फिंच, सुनील नरेन, शेल्डन जैक्सन, पैट कमिंस और अमन हकीम खान फेल रहे। गेंदबाजी में पैट कमिंस, आंद्रे रसेल, हकीम खान और वरुण चक्रवर्ती ने 10 से ज्यादा की इकोनॉमी रेट से रन दिए।

सनराइजर्स के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?

सकारात्मक पक्ष: गेंदबाजी में मार्को यानसेन और उमरान मलिक ने विकेट भी लिए और किफायती गेंदबाजी भी की। यानसेन ने एरॉन फिंच तो उमरान ने श्रेयस अय्यर और शेल्डन जैक्सन को आउट किया। बल्लेबाजी में राहुल त्रिपाठी के अलावा एडेन मार्कराम ने जबरदस्त खेल दिखाया दोनों ने तूफानी पारियां खेलीं। मार्कराम ने मैच फिनिश करने का काम किया। सनराइजर्स की टीम पिछले दो-तीन सीजन में मध्यक्रम में ही खराब प्रदर्शन कर रही थी। मार्कराम जैसे अनुभवी बल्लेबाज के आने से यह कमी पूरी हो गई है।

नकारात्मक पक्ष: गेंदबाजी में अनुभवी भुवनेश्वर कुमार, टी नटराजन, शशांक सिंह और जे सुचित महंगे साबित हुए। नटराजन, भुवनेश्वर और सुचित ने विकेट तो लिए, लेकिन रन भी लुटाए। बल्लेबाजी में इस मैच में अभिषेक शर्मा का बल्ला नहीं चला। केन विलियमसन भी बड़ी पारी नहीं खेल पाए। विलियमसन लगातार मैचों में रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। इस सीजन में उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी दिखी है।