शहर सहित गांव में भी पानी की त्रासदी, टैंकर में लगती घंटों लाइन

बांदा। मंडल मुख्यालय में यूं तो बहुत विकास हुआ है लेकिन यहां के विकास की एक कडवी बानगी बयां करती तस्वीर पेयजल का मुकम्मल हल न निकलना है। पानी की त्रासदी हर साल गर्मी की शुरुआत में यहां दिखाई दे जाती है। शहर के वीआईपी इलाके डीएम कालोनी गली नंबर-2 में इन दिनों पानी की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। कहने को तो ये शहर की सबसे वीआईपी कालोनी है। पानी के लिए लोगो को जूझना पड़ता है। जहां जल सस्थान डीएम के आदेश को दरकिनार कर अपनी चाल चल रहा है। 

इसी तरह जवाहर नगर, सर्वोदय नगर, आरबीएस रोड गली नंबर-3 व गजानन माता मंदिर के पास में लोगो को पानी के लिए काफ़ी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लोगो को यहां साइकिल पर पानी लाद कर लाना पड़ रहा है। डीएम कालोनी गली न0-2 के निवासी संदीप ने बताया कि पानी की समस्या हर साल गर्मी शुरू होते ही आ जाती है। हम लोग टैंकर या हैंडपंप के सहारे हो जाते है। एक तो गर्मी उसपर पानी लाना बड़ी दिक्कत होती है।

 पर क्या करे पानी लाना भी जरूरी है। महिलाएं तपती धूप में घंटों लाइन में खड़ी होकर टैंकर से पानी ले जाती दिखाई देती हैं। पीने के पानी का संकट केवल शहर क्षेत्र में ही नहीं बल्कि कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों में बदौसा के बरहंड पुरवा में तो एक हैंडपंप से पानी लेने एक महिला की पिटाई कर दी गई।

 उसकी बाल्टियां फेंक दी गई। आपबीती और पानी की कहानी जरिए पत्र पुलिस अधीक्षक तक आयी कुल मिलाकर बढ़ती गर्मी के साथ जल संकट गहराता जा रहा है। जगह-जगह लोग परेशान हैं और जिम्मेदार प्रशासन तथा अधिकारी जल समस्या के हल के लिए कोई ऐसा फार्मूला नहीं निकाल पा रहे जिसके कारण लोगों को पानी हासिल हो सके।