वित्तमंत्री: गरीबी को समाप्त करने और साझा समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए संघर्ष और हिंसा की चुनौतियों से निपटना होगा

नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि गरीबी को समाप्त करने और साझा समृद्धि को बढ़ावा देने जैसे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए संघर्ष और हिंसा की चुनौतियों से निपटना होगा। खासकर तब, जब दुनिया भर में दो तिहाई से अधिक गरीब रहते हैं। वित्तमंत्रालय ने ट्वीट में कहा कि वित्तमंत्री ने अमेरिका में आईएमएफ की मीटिंग करने के दौरान यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि एफसीएस देशों में नाजुक और संघर्ष की स्थितियों से जूझते हुए आजीविका के लिए मदद, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलाओं, युवाओं और बच्चों को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वित्तमंत्री की यह टिप्पणी रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के 58 वें दिन में प्रवेश करने के बाद आई है।

रूस-यूक्रेन युद्ध के परिणामस्वरूप दुनिया के कई हिस्सों में ऊर्जा की कीमतों में बढ़त और खाद्यान्न की कमी हुई है। इस संघर्ष से वैश्विक विकास प्रभावित होने की आशंका है। उधर, वित्तमंत्री ने अमेरिका में दिग्गज कंपनियों के सीईओ से भी मुलाकात कीं। इन कंपनियों में फेडएक्स, मास्टरकार्ड औक अन्य कंपनियां थीं।

भारत की योजनाएं सराहनीय : सुब्रमण्यम

वित्तमंत्री के साथ बैठक में फेडएक्स के अध्यक्ष राज सुब्रमण्यम ने कहा कि वह भारत को लेकर सकारात्मक रूख रखते हैं और उनके पास महत्वपूर्ण विस्तार योजनाएं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री गति शक्ति मास्टर प्लान जैसी योजनाओँ के जरिये सरकार की विकास की प्रतिबद्धता की सराहना की।

वित्तमंत्रालय ने ट्वीट में कहा कि वित्तमंत्री ने मास्टरकार्ड के सीईओ मीबैक माइकल से पूछा कि भारत के वित्तीय समावेश के कार्यक्रम से मिले सबक दुनिया के लिए समाधान देने में किस तरह उपयोग में लाए जा सकते हैं। मास्टरकार्ड ने कहा कि वह भारत में बड़े डेटा केंद्रों की स्थापना की योजना बना रहा है।