धूमधाम से मनाया गया ईस्टरःचर्च में हुई विशेष प्रार्थना

बांदा।शहर के बेथेल चर्च समेत शहर के कई चर्चों में धूमधाम से ईस्टर मनाया गया। इस दौरान चर्च में विशेष प्रार्थना की गई। रेवरेंट पुनीत लाल ने बताया कि आज के दिन प्रभु ईसा मसीह फिर से जीवित हुए थे। चर्च के इतिहास में मसीही प्रचार प्रसार का यह प्रमुख विषय था। शिष्यों की साक्षी का यह प्रमुख केंद्र बिंदु था।

रेवरेंट पुनीत लाल ने बताया कि आज से 2000 साल पहले प्रभु यीशु मानव रूप धारण करके जगत में आए। बाइबल और अन्य धर्म ग्रंथों में मानव रूप धारण करने का हजारों वर्षों पहले भविष्यवाणियों का वर्णन पाया जाता है। मानव तो पहले ही पाप की सजा भोग चुका था। स्वर्ग भी खो चुका था। पवित्र बाइबल बताती है कि सबने पाप किया है और अपना रिश्ता ईश्वर से तोड़ दिया। पाप की मजदूरी मृत्यु है, परंतु परमेश्वर का वरदान प्रभु यीशु मैं सास्वत जीवन है। यही कारण है कि प्रभु यीशु गुड फ्राइडे के दिन मानव की पाप मोचन कल्याण और मोक्ष के लिए क्रूस पर बलिदान हुआ। अर्थात मरा परंतु तीसरे दिन अर्थात रविवार के दिन जी उठा जिसे ईस्टर इतवार भी कहते हैं।