भाजपा के पूर्व मंत्री के पौत्र की मौत पर जांच शुरू

बांदा/अतर्रा। पूर्व लोक निर्माण राज्य मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्यय के बड़े भाई श्याम उपाध्याय के नाती राघव ने सोमवार की शाम कस्बा के मोहल्ला संजय नगर स्थित किराए के मकान में अंदर से कमरा बंद कर साड़ी के फंदे को गले मे डाल आत्महत्या कर ली थी।दिवंगत के पिता विमल उपाध्याय गांव रसिन गए थे।घर मे मौजूद बहनो ने भाई को फांसी के फंदे में झूलते देख चीख पुकार मचाते हुए पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खोल शव को नीचे उतार अस्पताल ले गए थे।जहां डाक्टर ने राघव को मृत घोषित कर दिया था।जिसके बाद स्वजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए पैतृक गांव चित्रकूट जिले के भरतकूप थानांतर्गत रसिन ले गए थे।मंगलवार की सुबह अंतिम संस्कार क्रिया के दौरान शव को स्नान कराने के दौरान पीठ में चोटों के निशान दिखाई पड़े।जिसके बाद स्वजन शव को वापस अतर्रा लाकर पुलिस को सूचना देते हुए पैनल द्वारा पीएम कराने की मांग की।सूचना पर मौके में पहुंचे एसआई पवन पांडेय ने जांच पड़ताल के बाद शव का पंचनामा भरकर विच्छेदन हेतु जिला मुख्यालय भेजा है।दिवगंत के चचेरे बाबा पूर्व चिकित्साधिकारी डा.चुन्नीलाल उपाध्यय ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बीते तीन मार्च की शाम पांच बजे तथागत स्कूल के पास से कोचिंग सेंटर से राघव घर वापस लौट रहा था।तभी शराब के नशे में धुत्त प्रियांशु शुक्ला,काजू गुप्ता, राहुल शिवहरे,सचिन शिवहरे,रवि शिवहरे,सौरभ गुप्ता व गुड्डू पंडित बोलेरो से पहुंच गाली गलौज करते हुए लाठी डंडे से मारपीट की थी।जिसके बाद राघव ने पुलिस को तहरीर देते हुए कार्रवाही की मांग की थी,लेकिन कोई कार्रवाही न होने से उक्त युवकों के हौसले बढ़ गए थे।पूर्व चिकित्साधिकारी ने आशंका जताई कि सोमवार को भी परीक्षा के उपरांत उक्त युवकों द्वारा राघव के साथ मारपीट की गई है।जिसके चलते क्षुब्ध होकर राघव ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया है।यदि पूलिस समय से कार्रवाही करती तो आज राघव जीवित होता।वहीं इस सम्बंध में थानाध्यक्ष अतर्रा हरीशरण सिंह का कहना है कि तीन मार्च को दोस्तो का आपसी विवाद हुआ था।जिसका उन्होंने आपसी समझौता भी कर लिया था।