विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन


मऊ जनपद में माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा माननीय जनपद न्यायाधीश मऊ श्री रामेश्वर महोदय के मार्गदर्शन में थाना-कोतवाली, नगर मऊ में व्यक्तियों की गिरफ्तारी से पूर्व, गिरफ्तारी के समय तथा रिमाण्ड स्तर पर प्रभावी विधिक सहायता उपलब्ध कराये जाने हेतु विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुॅवर मित्रेश सिंह कुशवाहा की अध्यक्षता में किया गया। विधिक साक्षरता शिविर में श्री त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, अपर पुलिस अधीक्षक, मऊ, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली,मऊ ,पैनल अधिवक्ता श्री सौरभ राय, एवं अन्य पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

विधिक साक्षरता शिविर के आयोजन के दौरान थाना-कोतवाली में गिरफ्तारी के पूर्व एवं गिरफ्तारी के समय तथा न्यायालयों में रिमाण्ड स्तर पर पात्र व्यक्तियों को विधिक सहायता प्रदान किये जाने हेतु थाना-कोतवाली में लगाये गये डिस्प्ले बोर्ड पर पैनल अधिवक्ता एवं  पराविधिक स्वयं सेवक की ड्यूटी के बारे में विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, कुॅवर मित्रेश सिंह कुशवाहा द्वारा आमजन मानस को अवगत कराया गया। 

उपस्थित जनों को संविधान के अनुच्छेद 22 के तहत अपनी गिरफ्तारी के कारणों को जानने के अधिकार के बारे में जानकारी एवं गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को दिये जाने के सम्बंध में विस्तार पूर्वक विधिक जानकारी प्रदान की गयी तथा प्रत्येक व्यक्ति को अपने पसन्द के अधिवक्ता से  विधिक सलाह प्राप्त करने का अधिकार के बारे में बताया गया। जिसमें सचिव द्वारा यह भी बताया गया कि गिरफ्तारी के समय जो प्रावधान दं.प.सं. की धारा 46 के अन्तर्गत दिये गये हैं, के तहत ही गिरफ्तारी की जाए, जिसमें महिलाओं की गिरफ्तारी किसी महिला पुलिस द्वारा ही की जाय । सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय के पूर्व गिरफ्तारी न की जाए । 

दं.प्र.सं. की धारा 50 के तहत गिरफ्तारी व जमानत का आधार पुलिस को बताना होगा व धारा 50 ए के अन्तर्गत गिरफ्तारी की सूचना, गिरफ्तार व्यक्ति के रिश्तेदार, नातेदार, मित्रों को अवश्य दी जाय तथा साथ ही साथ वैवाहिक विवादों के लिए अपने मामलों का प्री-लिटिगेशन के आधार पर अपने मामलों को निस्तारित कराने हेतु निर्देश दिया गया। 

अपर पुलिस अधीक्षक श्री त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी द्वारा वहाॅ उपस्थित कोतवाली क्षेत्र के सम्मानित वरिष्ठ नागरिको को अपने छोटे-छोटे मामलों को सुलह समझौता केन्द्र के माध्यम से, सुलह समझौता के आधार पर निपटारा कराने तथा अनावश्यक भाग दौड़ से बचने हेतु अपेक्षा की गयी। इस हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के एक पैनल अधिवक्ता एवं एक पराविधिक स्वयं सेवक की ड्यूटी विधिक सहायता हेतु समस्त थानो पर लगायी गयी है।

विधिक साक्षरता शिविर के आयोजन के दौरान विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुॅवर मित्रेश सिंह कुशवाहा द्वारा आम जन मानस से अपील की गयी कि यदि इस प्रकार की कोई समस्या या दिक्कत किसी व्यक्ति को हो तो दीवानी न्यायालय, विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ में दर्ज कराकर दिनांकः 14.05.2022 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से इसका निस्तारण करायें तथा लाभ उठायें।