चाट पापड़ी सा प्यार

प्यार मुझे लगा चाट पापड़ी जैसा,

प्यार की हो भरमार इसमें।

टेस्ट लगे बड़ा प्यारा इसका।

भल्ले सा वह नरम लगे।

मोहब्बत की मीठी चटनी पड़े,

प्यार फिर धीरे से बढे।

नजरों से वह वार करें,

दिल को मेरे घायल करें।

मिलन का जोश जब इसमें भरा ,

टिक्की सा मिलन करारा लगा।

प्यार यार का प्यारा लगे।

नोकझोंक हो जीवन में,

तीखी चटनी डली लगे।

मुंह फुला कर हम तुम बैठे ,

गोलगप्पे से फूले लगे।

मैं तुम्हें मनाऊँ, तुम मुझे मनाओ,

खट्टे मीठे पानी से दिखे।

मान जाओ जब तुम देखो,

पापड़ी का मधुर संबंध लगे।

बैठकर जैसे बात करें।

जीवन तो तीखी  मीठी चटनी,

मीठा-मीठा कहांँ भला लगे।

नोक झोंक ना हो जीवन में,

कैसे बताओ जीवन चलें।

आलू के मसाले से हम मिलकर,

प्यार प्यार बस प्यार करें।

दही ,सोंठ ,मिर्च, मसाला,

सब प्यार का व्यवहार लगे।

मधुर मनोहर बस जीवन में,

प्यार की परिभाषा लगे।

कभी लगी इसमें मिठास,

कभी फीका सा यह प्यार लगे।

कभी मधुर रस टपके इसमें

हरा भरा संसार लगे।।


               रचनाकार ✍️

               मधु अरोरा