डीएम ने जनपद के स्थाई एवं अस्थाई गौ आश्रय स्थलों की समीक्षा की

आजमगढ़ : जिलाधिकारी श्री विशाल भारद्वाज की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के स्थाई एवं अस्थाई गौ आश्रय स्थलों की समीक्षा की गई l जिलाधिकारी ने समस्त एसडीएम एवं खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन तहसीलों में अभी तक गौ आश्रय स्थलों के लिए जमीन का चिन्हीकरण नहीं हुआ है, वहां पर 1 सप्ताह के अंदर जमीन को चिन्हित कर लिया जाए l उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित करें कि कोई भी जमीन विवादित ना हो l उन्होंने कहा कि जहां पर जमीनों का चिन्हीकरण हो चुका है, वहां निर्माण कार्य शुरू करा दे l

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी एसडीएम एवं खंड विकास अधिकारी हफ्ते में एक बार अवश्य गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण करें तथा वहां पर पशुओं के लिए पानी, भूसा एवं हरा चारा की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं l उन्होंने कहा कि सभी गौ आश्रय स्थलों पर तीन प्रकार के रजिस्टर रखना सुनिश्चित करें l उन्होंने कहा कि रजिस्टर में गोवंश आश्रय स्थल का पूरा विवरण प्रत्येक दिन दर्ज किया जाएl उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम हफ्ते में एक बार मुझे संपूर्ण विवरण एवं गो आश्रय स्थल की अद्यतन स्थिति से अवगत कराना सुनिश्चित करेंगे l

जिलाधिकारी ने कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए सभी गौ आश्रय स्थलों पर पानी, भूसा एवं चारे की व्यवस्था कराएं तथा आवश्यकतानुसार टीन शेड आदि बनाकर छाया करेंl उन्होंने कहा कि बड़े गौ आश्रय स्थलों को दो भागों में बांट कर नर एवं मादा गोवंश को अलग-अलग रखने की व्यवस्था करे l उन्होंने कहा कि सहभागिता योजना के अंतर्गत सभी लेखपाल एवं सचिव कम से कम 10-10 पशुओं को गोद दिलाएं l उन्होंने कहा कि सभी ब्लॉकों मे 100-100 कुंटल भूसा इकट्ठा करें तथा भूसा रखने के लिए अस्थाई निर्माण कराएं l

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी गौ आश्रय स्थलों पर वर्मी कंपोस्ट पर गोबर की खाद तैयार कर उसका मूल्य निर्धारित करेंl उन्होंने कहा कि किसानों, एसएचजी एवं कृषि विभाग, उद्यान विभाग को विक्रय कर होने वाले आय से श्रमिकों का भुगतान एवं गो आश्रय स्थल के निर्माण एवं भूसा, चारा, पानी में व्यय करें l उन्होंने कहा कि 6 महीने में गौशाला को स्वावलंबी बना दिया जाए l

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता को बनाए रखें l समस्याओं का तत्काल निराकरण कराए l उन्होंने कहा कि गौवंश से संबंधित समस्या में लापरवाही क्षम्य नहीं होगीl उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए l पशुओं को निर्धारित मानक के अनुसार भूसा, हरा चारा एवं पानी उपलब्ध कराया जाए l उन्होंने कहा कि भूसा, चारा एवं अन्य आवश्यक सामानों के क्रय का अभिलेखीकरण प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करें l उन्होंने कहा कि हर हफ्ते सभी एसडीएम समीक्षा कर स्थिति से अवगत कराएंगे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अनिल कुमार मिश्र, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ वीरेंद्र कुमार, डीसी मनरेगा, डीपीआरओ तथा सभी एसडीएम, खंड विकास अधिकारी अधिशासी अधिकारी तथा अन्य सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे l