इंफोसिस के निवेशकों को लगा बड़ा झटका, गंवा दिए 40000 करोड़

 नई दिल्ली : भारतीय टेक दिग्गज में जहां कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने का सिलसिला जारी है, वहीं सप्ताह के पहले दिन शेयर बाजार खुलने के साथ ही इंफोसिस के निवेशकों को बड़ा झटका लगा। कंपनी के शेयर नौ फीसदी तक टूट गए और इसके चलते महज कुछ ही मिनटों में निवेशकों को 40,000 करोड़ रुपये का चूना लग गया। 

बाजार में आज इंफोसिस के शेयरों की बात करें तो सुबह 9.30 पर कंपनी के शेयर नौ फीसदी गिरकर 1592 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। कंपनी के शेयर में आई यह गिरावट 23 मार्च 2020 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है। हालांकि, जैसे-जैसे बाजार आगे बढ़ा इसमें कुछ सुधार आया और सुबह 11.17 बजे तक शेयर का भाव 7.56 फीसदी टूटकर कारोबार कर रहा था। शेयरों में आई इस गिरावट के कारण बाजार खुलने के साथ कुछ ही मिनटों के कारोबार के दौरान निवेशकों के 40,000 करोड़ रुपये डूब गए। 

शेयर बाजार की खराब शुरुआत के साथ इंफोसिस के शेयरों में आई इस बड़ी गिरावट के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर कंपनी का मार्केट कैप (बाजार पूंजीकरण) भी गिरकर 6,92,281 करोड़ रुपये पर आ गया था। गौरतलब है कि कंपनी के चौथी तिमाही के परिणामों का असर शेयरों के भाव पर नजर आ रहा है। जेफरीज इंडिया ने इंफोसिस के मार्जिन का अनुमान 1 से 1.7 फीसदी तक कम कर दिया है। इंफोसिस का मार्जिन तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 1.93 फीसदी फिसलकर 21.6 फीसदी रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी वजह कामकाजी दिनों में कमी के साथ उम्मीद से ज्यादा लागत होना है। 

पिछले दिनों आई रिपोर्ट के अनुसार, एक ओर जहां कंपनी आने वाले समय में 50,000 हायरिंग करने की योजना बना रही है, तो दूसरी ओर कंपनी छोड़कर जाने वाले कर्मचारियों की संख्या भी इंफोसिस में अधिक है। कंपनी के 27.7 फीसदी कर्मचारी जनवरी मार्च तिमाही के दौरान नौकरी छोड़कर चले गए। तीन महीने में इंफोसिस से नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की तादाद भी करीब 80000 है। इंफोसिस ने अपनी चौथी तिमाही के परिणाम बीते बुधवार को जारी किए थे। कंपनी 5686 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है। कंपनी के अनुसार, उसके मुनाफे में पिछली तिमाही की तुलना में 12 फीसदी का इजाफा हुआ है।