"शिद्दत को सौ सलाम"

इंटरनेट एक ऐसा ताकतवर ज़रिया है जो लोगों को रातों रात प्रसिद्धि के शिखर पर विराजमान कर देता है। ऐसे ही एक वाकिए की बात करें तो, जहाँ पर बड़े घराने के बच्चें जिस उम्र में खेल-कूद, विडियो गेम, मोबाइल और मस्ती में ओतप्रोत होते है, वहाँ उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले का 19 वर्षीय प्रदीप मेहरा इस समय ट्वीटर पर हीरो बनकर धम्माल मचा रहा है। एक उम्र होती है अपने भविष्य को गढ़ने की, खुद को क्या बनना है, किस दिशा में जाना है ये तय करने की। महज़ 19 साल की उम्र में अपने लक्ष्य के प्रति इतनी शिद्दत बहुत कम लोग रखते है। प्रदीप मेहरा नोएडा सेक्टर 16 के एक रेस्टोरेंट में काम करने के साथ ही भारतीय सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहा है। जिसके लिए वो सारा काम ख़त्म करके रात को सड़क पर दौड़ लगाता है, यह उसका रोज़ का रूटीन है। पर 20 मार्च की शाम कुछ ऐसा हुआ कि यह आम लड़का ट्विटर पर हीरो बन गया। पूर्व पत्रकार व फिल्म निर्माता विनोद कापड़ी को 19 मार्च की रात 12 बजे कहीं जा रहे थे तब उनको नोएडा की सड़क पर एक लड़का पीठ पर बैग लेकर दौड़ लगाते हुए मिला। विनोद जी ने गाड़ी धीमी करके उस लड़के को लिफ्ट ऑफर की। पर उस लड़के ने मना कर दिया। उसके बाद लिफ्ट लेने से मना करने का जो कारण उसने बताया उसे सुनकर सभी प्रदीप को को सलाम करने लगे हैं।

विनोद जी के पूछने पर प्रदीप ने कहा कि उसका नाम प्रदीप मेहरा है। वह उत्तराखंड के जिला अल्मोड़ा का रहने वाला है और उसकी उम्र 19 साल है। वह नोएडा सेक्टर 16 के एक फास्टफूड रेस्टोरेंट में काम करता है। उसकी शिफ्ट रात 11 बजे खत्म होती है। उसके बाद वह प्रतिदिन बरोला अपने कमरे तक 10 किलोमीटर इसी तरह से दौड़ते हुए जाता है। 

प्रदीप सेना में भर्ती होना चाहता है। प्रदीप ने करीब 17 साल की उम्र में पहली बार सेना भर्ती की परीक्षा दी थी, लेकिन वो दौड़ में पास नहीं हो पाए थे। तभी से उन्होंने ठान लिया कि उन्हें सेना में ही जाना है। उसे सुबह तैयारी का मौका नहीं मिलता इसलिए वह रात में इसी तरह से अपनी प्रैक्टिस करता है। पीहू फिल्म के निर्देशक कापड़ी जी खुद उत्तराखंड पिथौरागढ़ जिले के मूल निवासी हैं और उनके पिता सेना में रहे हैं। प्रदीप के सेना में जाने के जज्बे को देखकर व कुमाऊंनी में बात करने लगते हैं और घर परिवार के बारे में पूछते हैं।

गाड़ी के बगल दौड़ लगा रहे प्रदीप से कापड़ी कहते हैं तुम तो वायरल होने वाले हो तो प्रदीप कहता है कि होने दो, दौड़ लगा रहा हूं कोई गलत काम थोड़े न कर रहा। इसके बाद उसे खाना ऑफर करते हैं। जब उसे खाना ऑफर किया जाता है तो वह बताता है कि उसके भाई प्राइवेट जॉब में हैं, उनकी नाइट ड्यूटी है। वह दौड़ पूरी कर घर पहुंचेगा तो खाना बनाएगा। उसे दोनों लोगों का खाना बनाना है। मैं खाना खा लूंगा पर भाई भूखा रह जाएगा। कितनी गहरी सोच है लड़के की। आखिर में कापड़ी कहते हैं आज गाड़ी से घर छोड़ देता हूं तो प्रदीप कहता है कि ऐसे तो मेरी दौड़ की प्रैक्टिस छूट जाएगी। लड़के की सोच और शिद्दत से प्रभावित होते विनोद कापड़ी ने प्रदीप मेहरा का आधी रात को दौड़ते हुए का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला और रातोंरात इस वीडियो ने इंटरनेट पर सनसनी मचा दी। पिछले 24 घंटे में प्रदीप के पास लगातार लोगों के फोन आ रहे हैं और उन्हें मदद की बात कर रहे हैं, विनोद जी ने लिखा-यह है खरा सोना।

अब तक प्रदीप को 2.7 मिलियन लोग देख चुके हैं और करीब एक लाख 25 हजार लोग लाइक कर चुके हैं और यह लगातार बढ़ता जा रहा है। आम तौर पर हम छोटे-छोटे काम कल करेंगे पर छोड़कर बहाना बना कर टाल देते हैं, लेकिन एक 19 वर्षीय लड़के का अपने सपनों को लेकर समर्पण, आंखों में चमक और बातों में साफगोई ने सबको उसका मुरीद बना दिया है। ऐसे मेहनत कशिश बच्चे को सौ सलाम।

भावना ठाकर 'भावु' (बेंगलोर, कर्नाटक)