तेरह दिवसीय टीबी रोगी खोज अभियान का हुआ शुभारंभ

बांदा/ नरैनी। विश्व क्षय रोग दिवस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक ने स्वास्थ्य कर्मियों की बैठक ली। बैठक में डोर टू डोर अभियान चलाकर टीबी ग्रसित लोगो की पहचान कर मुफ्त इलाज करने की बात कही। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डा. अजय प्रताप विश्वकर्मा ने स्वास्थ्य केंद्र में डोर टू डोर अभियान के संबंध में बैठक ली। जो तेरह दिवसीय टीबी खोज अभियान को सुचारू रूप से चलाए जाने के सम्बंध में विभिन्न पहलुओं पर स्वास्थ्य कर्मियों को जानकरी दी। अधीक्षक श्री विश्वकर्मा ने बताया टीबी (क्षयरोग) एक घातक संक्रामक रोग है, जो कि माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस जीवाणु की वजह से होती है। टीबी (क्षयरोग) आमतौर पर ज्यादातर फेफड़ों पर हमला करता है, लेकिन यह फेफड़ों के अलावा शरीर के अन्य भागों को भी प्रभावित कर सकता है। यह रोग हवा के माध्यम से फैलता है। जब क्षयरोग से ग्रसित व्यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है तो उसके साथ संक्रामक ड्रॉपलेट न्यूक्लीआई उत्पन्न होता है, जो कि हवा के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। ये ड्रॉपलेट न्यूक्लीआई कई घंटों तक वातावरण में सक्रिय रहते हैं। जब एक स्वस्थ व्यक्ति हवा में घुले हुए इन माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस ड्रॉपलेट न्यूक्लीआई के संपर्क में आता है तो वह इससे संक्रमित हो सकता है।इसी क्रम अभियान को सफल बनायें जाने के बारे चर्चा हुई।गांव में टीमें भेज कैम्प के जरिये क्षय रोगियों की पहचान की जाएगी।इस दौरान आशा,आंगनवाड़ी ,एनम, आदि कार्य मे सहयोग करेगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक अजय प्रताप सिंह ने बताया यह अभियान 13 दिन तक डोर टू डोर चलेगा इस अभियान में 84 कर्मचारी लगाए गए हैं।