रूस और यूक्रेन युद्ध के कारण बुरा हाल, रूस से रूठीं दुनिया की बड़ी कंपनियां

नई दिल्ली : रूस और यूक्रेन के बीच जंग तेज हो चुकी है। सोमवार को दोनों देशों के बीच युद्ध का 12वां दिन है और इस बीत अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि यूक्रेन के शहर-शहर तबाह हो चुके हैं। जहां एक ओर यूक्रेन का रूसी हमलों से बुरा हाल है तो रूस के हालात भी ठीक नहीं हैं। दुनिया की ज्यादातर बड़ी कंपनियां रूस से नाराज हो चुकी हैं और देश में अपने संचालन पर रोक लगा रही हैं। इनमें एपल, गूगल, नेटफ्लिक्स, समेत कई बड़े ब्रांड शामिल हैं।   

जर्मनी के स्पोर्ट्सवियर ब्रांड और दुनियाभर में मशहूर एडिडास ने रूस और युक्रेन के बीच जारी खूनी संघर्ष के बीच बड़ा एलान किया है। इसके तहत एडिडास ने  यूक्रेन पर आक्रमण के खिलाफ प्रतिक्रिया में रूसी फुटबॉल महासंघ के साथ अपनी साझेदारी को निलंबित कर दिया है। जर्मन स्पोर्ट्सवियर दिग्गज ने 2008 से देश के किट निर्माता के रूप में काम शुरू किया, 2018 में अपने घरेलू विश्व कप के लिए शर्ट डिजाइन किया था। लेकिन पूर्वी यूरोप में मरने वालों की संख्या बढ़ने के कारण उन्होंने रूसी राष्ट्रीय टीम के साथ अपना समझौता रोक दिया है। एडिडास ने यूईएफए के प्रतिबंध के फैसले के बाद से घोषणा की। 

दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी आईफोन निर्माता एपल ने भी बीते दिनों रूस के खिलाफ कदम उठाते हुए रूसी बाजारों में अपने सभी उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी। दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनी के प्रवक्ता की ओर से इस संबंध में कहा गया कि कंपनी ने उत्पादों की बिक्री के साथ ही एपल पे और दूसरी सेवाओं को भी सीमित कर दिया है। इसे रूस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। एपल ने जोर देकर कहा कि कंपनी उन सभी लोगों के साथ है जो हिंसा से पीड़ित हैं। 

टेक कंपनी एपल और स्पोर्ट्सवियर ब्रांड एडिडास के साथ ही एथलेटिकवियर निर्माता नाइकी ने भी उसकी राह पर कदम आगे बढ़ाते हुए रूस में अपने उत्पाद की बिक्री को रोकने की घोषणा कर दी। कंपनी की ओर से कहा गया कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष से अनिश्चितत बढ़ गई है और इसी क्रम में देश में तत्काल प्रभाव से अपने सभी उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया गया है।  

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद गूगल ने भी रूस के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। रूस की सरकारी मीडिया आरटी न्यूज और स्पूतनिक को गूगल ने प्ले स्टोर पर ब्लॉक कर दिया है। अल्फाबेट इंक की कंपनी गूगल द्वारा ऑपरेट किए जाने वाले यूट्यूब ने रूसी मीडिया आउटलेट रशिया टुडे  से जुड़े चैनलों को भी तुरंत प्रभावी रूप से ब्लॉक कर दिया है। इन यूट्यूब चैनलों का संबंध सीधे तौर पर रूसी सरकार से है। ऐसे में गूगल की कार्रवाई रूस के लिए एक बड़े झटके से कम नहीं है। 

गूगल और यूट्यूब के बाद रूस के खिलाफ मुखर होकर प्रतिबंध लगाने वाले ब्रांड में अब नेटफ्लिक्स का नाम भी जुड़ गया है। नेटफ्लिक्स ने कहा है कि वह रूस में अपनी सेवा निलंबित कर रहा है। कंपनी ने रविवार को एक बयान जारी कर रूस में अपनी सेवाएं निलंबित करने के फैसले के लिए जमीनी हालात को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, उसने कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी है। यह घोषणा टिकटॉक के उस बयान के बाद की गई है, जिसमें कहा गया है कि रूसी उपयोगकर्ताओं को एप पर वीडियो साझा करने और दुनिया के अन्य हिस्सों से डाले जा रहे पोस्ट देखने से प्रतिबंधित किया गया है।

ऑटोमोबाइल सेक्टर ने भी रूस के खिलाफ बड़े एलान किए हैं और इस क्रम में वाहन निर्माता कंपनी वोल्वो और मार्सिडीज बेंज ने बड़े एलान किए हैं। यूक्रेन पर रूसी सेना के हमले के बाद मर्सिडीज ने अपने जारी किए गए बयान में कहा कि वह एक रूसी ट्रक निर्माता के साथ अपनी साझेदारी खत्म कर रही है। इसके अलावा ने कहा है कि वॉल्वो ने भी रूस में ट्रक बनाने की अपनी फैक्ट्री बंद करने का फैसला किया है।

दुनिया के पश्चिमी देशों की ओर से रूस पर लगाए जा रहे आर्थिक प्रतिबंधों के चलते बोइंग ने भी देश में अपने परिचालन पर रोक लगाने का निर्णय किया है। बीते दिनों बोइंग ने कहा कि उसने अपने मास्को कार्यालय में बड़े परिचालन को रोक दिया है और यूक्रेन के कीव में एक अन्य कार्यालय को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। कंपनी ने यह भी कहा कि उसने रूसी एयरलाइनों को पुर्जे, रखरखाव और तकनीकी सहायता सेवाएं देना बंद कर दिया है. हाल के दिनों में, दुनिया भर के देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं। इसके साथ ही एयरबस ने भी रूसी एयरलाइंस को जहाज मेंटेनेंस से संबंधित कल-पुर्जो की आपूर्ति को तत्काल रोकने का एलान किया है। 

इस क्रम में आईकिया की ओर से भी रूस में अपना संचालन बंद करने का एलान किया गया। कंपनी की इस घोषणा के बाद करीब 15000 कर्मचारियों पर असर होगा यानी उनकी नौकरी चली जाएगी। बता दें कि आईकिया द्वारा ये बड़ा कदम कई कंपनियों के प्रतिबंध एलान के बाद उठाया गया है। इसके अलावा स्वीडन की बड़ी क्लोथिंग कंपनी एच एंड एम ने भी दूसरे बड़े ब्रांडों की तरह ही अपने कदम आगे बढ़ाए हैं। कंपनी ने भी रूस के बाजारों में अपने सभी प्रकार के उत्पादों की बिक्री पर अस्थाई रोक लगा दी है। रूस के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर कर प्रतिबंधों का एलान करने वाली कंपनियों में यही नहीं बल्कि कई और बड़े नाम भी शामिल होते जा रहे हैं।