अपने ही गांव से वोट नहीं पाए योगी के मंत्री

चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय के गांव में थे 3600 वोटर

मंत्री को मिले सिर्फ 1100; चित्रकूट सदर से लड़ा था चुनाव

चित्रकूट। योगी सरकार में पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री मंत्री रहे चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय इस बार के विधानसभा चुनाव में अपनी सीट नहीं बचा पाए। चित्रकटू विधानसभा की जनता ने उन्हें पूरी तरह से नकार दिया। इतना ही नहीं मंत्री जी अपने पैतृक गांव रशिन से भी भारी मतों से पराजित हुए हैं।

उनकी यह हार बेहद शर्मनाक मानी जा रही है। उनकी छवि उनके गांव में ही इतनी खराब है कि उनके गांव के लोग और यहां तक कि रिश्तेदारों ने भी उन्हें नकार दिया है। रशिन गांव में कुल 6,000 वोटर हैं, जिसमें 3,600 मतदाताओं ने मतदान किया है। जिसमें समाजवादी पार्टी को 1,930 वोट मिले हैं, जबकि भाजपा से प्रत्याशी रहे चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय को 1,178 मत प्राप्त हुए हैं।

इस तरह से सपा प्रत्याशी अनिल प्रधान को चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय से 752 वोट ज्यादा मिले हैं। उनकी इस करारी हार पर लोगों ने तमाम तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त की हैं। लोगों का कहना है, जब चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय गाड़ी में बैठ कर चलते थे तो वह अखबार को मुंह के सामने लगा लेते थे। शायद यही वजह रही कि उन्हें इसका परिणाम भुगतना पड़ा।

मंत्री की लाज बचाने के लिए आए थे दिग्गज

22 फरवरी को संगठन महामंत्री सुनील बंसल भाजपा में चल रहे भितरघात को लेकर चिंतन किया था। 24 फरवरी को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह चित्रकूट आकर जनसभा की थी। लोगों से चंद्रिका उपाध्याय को जिताने के लिए अपील की थी।

चुनाव में सदर विधानसभा सीट के प्रत्याशी को जिताने के लिए 25 फरवरी चुनाव के अंतिम दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां आकर जनता को रैली में संबोधित किया था और उनकी जीत के लिए लोगों से अपील की थी। फिर भी मंत्री जी की सीट नहीं बची।