भोजपुरी सुपरस्टार प्रियंका सिंह के नाम हुई महोत्सव की यादगार शाम, रवि के गीतों पर भी झूमा महोत्सव

लालगंज प्रतापगढ़। बाबा घुइसरनाथ धाम में सत्ताईसवें एकता महोत्सव के मंगलवार की मुख्य सांस्कृतिक संध्या में मुम्बई से आयीं भोजपुरी सुपरस्टार प्रियंका सिंह के भोजपुरी समेत विविध विधााओं मे गोते लगा रहे गीतों ने पूरी की पूरी महफिल को अपने नाम बनाने मे कामयाबी हासिल की। वहीं वॉलीवुड सुपर स्टार रवि त्रिपाठी के भी भजन तथा वॉलीवुड के कई धमाकेदार गीतों की महफिल सजी तो सत्ताईसवां महोत्सव दर्शक दीर्घा मे यादगार पल दे गया। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियांे से बाबा के समीप बह रही आदिगंगा सई की धाराएं भी गीत-संगीत से मचल उठी सी दिखीं।

 शुभारम्भ उत्तर मध्य सांस्कृतिक केन्द्र की नामचीन कलाकार निधि श्रीवास्तव के सांस्कृतिक दल की मनमोहक प्रस्तुतियों से हुआ। निधि श्रीवास्तव की टीम ने ब्रज के फूलों की होली का मंचन किया तो दर्शक वाह-वाह कर उठे। निधि के सईया हमार जैसे कई गीतों पर सामूहिक लोकनृत्य ने भी दर्शकों को लुभाया। मुम्बई की चर्चित भोजपुरी सुपरस्टार प्रियंका सिंह ने जब रंगमंच पर दस्तक दी तो महिला एवं पुरूष आडीटोरियम प्रियंका की प्रस्तुतियों का कायल हो उठा। 

प्रियंका के सत्यम शिवम सुन्दरम् तथा बम भोले बम बोल रहा काशी के भक्ति संगीत की प्रस्तुति से महोत्सव स्थली बाबा के जयकारे से गूंजने लगी। वहीं प्रियंका सिंह ने जब तुमसा कोई प्यारा कोई मासूम नही है व रेलिया बैरन पिया को लिये जाय रे.. जैसे गीत को आगाज दिया तो महोत्सव का निखार चढ़ उठा दिखा। पार्श्व-गायक सुपर स्टार रवि त्रिपाठी के बम भोले बम की प्रस्तुति के बीच चाहूंगा मैं तुझे सांझ सवेरे.., गुलाबी आंखे जब तेरी देखी.., इण्डिया से आया मेरा दोस्त जैसे वॉलीबुड गीतों पर युवा लॉबी मंच के नीचे आडीटोरियम मे अपने मन को थिरकने से रोक न सकी।

 इसके पहले भगवान शिव की आराधना तथा गणेश स्तुति मे भी  भक्तिभावना हर मन को आनंदातिरेक मे भर गयी दिखीं। सांस्कृतिक संध्या पर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों प्रियंका सिंह, रवि त्रिपाठी तथा निधि श्रीवास्तव को बाबा घुइसरनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष व पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी ने आयोजन समिति की ओर से शॉल तथा महोत्सव स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। सत्ताईसवें महोत्सव मे आचार संहिता को लेकर जहां विधायक मोना मंच साझा करती नहीं दिखी वहीं अफसरो को भी प्रशासनिक कैम्प मे व्यवस्था प्रबंधन के दायरे मे ही देखा गया। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह, तहसीलदार जावेद अंसारी व पुलिस अफसर प्रशासनिक कैम्प से शांति व्यवस्था पर नजर जमाये दिखे।