यूक्रेन से सकुशल लौटे पुत्र को देखकर आंखो से छलक पड़े खुशी के आंसू

सहारनपुर। यूरोपीय देश रूस व यूक्रेन के बीच चल रहे भयंकर युद्ध में फंसे अपने जिगर के टुकड़ों से मिलने के लिए परिजन कितने व्याकुल है जिसकी एक बानगी कस्बा नागल में उस समय देखने को मिली जब उनका जिगर का टुकड़ा उनके सामने सकुशल वापिस आ गया जिसे देखते ही परिजनों की आंखों से खुशी के आंसु छलक पड़े। गुरुद्वारा रोड कस्बा निवासी  शमीम अहमद के 20 वर्षीय पुत्र मोहम्मद सुहैल खान  यूक्रेन के ईवानो यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई करने हेतु बीते साल दिसंबर में गया था, जो हॉस्टल में रहकर पढाई कर रहा था। 

यूक्रेन से लौटे सुहैल खान ने बताया कि वह यूक्रेन के शहर इवानो में इवानों फ्रांकसिव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर का छात्र है। सुहैल ने यूक्रेन की भयावह स्थित से अवगत कराते हुए बताया कि उन्होंने हॉस्टल से चार घंटे तक भय के माहौल में बस में सफर किया फिर करीबन दस किलोमीटर पैदल चलकर रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचे, जहां से उन्हें सुरक्षित बुखारेस्ट एयरपोर्ट पर पहुंचाकर रेस्ट हाऊस में ठहराया गया।

 उसके तत्पश्चात बुखारेस्ट एयरपोर्ट से अपने देश की राजधानी नई दिल्ली की फ्लाईट में बैठाया गया। नई दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सेवा से वह देर रात करीब साढ़े बारह बजे नागल स्थित अपने घर पहुंचा तो परिजनों की खुशी का ठिकाना न रहा उन्होंने मोदी सरकार का आभार प्रकट किया। बेटे के सकुशल घर पहुंचने पर शमीम अहमद के घर बधाई देने सेवा भारती के जिला सँयोजक सुनील कुमार भी पँहुचे, इसके अलावा सुहैल को देखने के लिए शुभचिंतकों का जमावड़ा लगा रहा।