देहज प्रथा पर लगे पूर्ण प्रतिबंध: मौलाना सिकन्दर आजम

तालीम से ही परिवार व देश की तरक्की संभव: हाफिज उवेश

सहारनपुर। देर रात ग्राम शेखपुरा कदीम में कारी मुहम्मद कुरबान काशफी ने मदरसा दारुल उलूम बोस्तान ए फातिमा ब्रांच जामिया सुममया द्वारा एक सालाना इस्लामिक जलसे का आयोजन किया। जिसमें अव्वल आने वाले छात्रों-छात्रओं को रिजल्ट सर्टिफिकेट बखारी शरीफ के साथ इनाम से नवाजा गया। हजरत मौलाना सिकन्दर आजम साहब ने कहा कि समाज मे हम सब को सभी समाज के लोगो से प्यार महोब्बत से रहना चाहिए उन्होंने देश और दुनिया मे अमन कायम रहे इसके लिए दुआ करते हुवे इस्लामिक मुद्दों पर प्रकाश डालते हुवे देहज जैसी प्रथा पर पूरी तरह  प्रतिबंध लगाने की मांग की और मुस्लिम समाज से देहज ना लेने देने की अपील करते हुवे मुस्लिमों को देहज मांगना हराम बताया।

जमीयतुल हुफाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाफिज उवैश ने जलसे की तारीफ करते हुवे कहा कि समाज मे ऐसे जलसे ज्यादा से ज्यादा तादात में होने की जरूरत है जिससे समाज मे आये बिगाड़ को रोका जा सके हाफिज उवेश ने नोजवानों से नशे को छोड़ तालीम की और आने की अपील की कहा अगर नशा करोगे तो घर बर्बाद होगा तालीम हासिल करोगे तो घर आबाद होगा। जलसे में मुख्य अतिथि हजरत मौलाना सिकन्दर आजम साहब उस्ताद हदीस दारुल उलूम देवबंद व  जमीयतुल हुफाज के अध्यक्ष हाफिज उवैश रहे।जलसे का संचालन मौलाना अब्दुल खालिक नदवी, मोहतमिम जामिया इस्लामिया दारे अकरम ने किया। जलसे की सदारत हजरत मौलाना मुहम्मद नाजिम साहब नदवी ने की।