करोड़ों के राजस्व का चूना लगा रहा प्लास्टिक पाइप फैक्ट्री मालिक

-कई सालों से चल रहा राजस्व चोरी का खेल

बांदा।  जिला मुख्यालय में एक पीवीसी प्लास्टिक पाईप फैक्ट्री मालिक सरकारी विभागों को लगभग पचास करोड़ के राजस्व की क्षति पहुंचायी है। आरोप है कि यह पूरा खेल संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की मिली भगत से अब भी बदस्तूर जारी है। पाईप फैक्ट्री मालिक नें जल निगम, जल संस्थान, नलकूप विभाग आदि को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाया है।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि लगभग तीस सालों से जल निगम को मानक विहीन पाइप सप्लाई किए जा रहे हैं। इसके द्वारा की गई 95 प्रतिशत बोरिंग जिले में घटिया और मानक विहीन होने के कारण फेल हो चुकी है। घाटिया क्वालिटी के पाईप को गुणवत्ता एंव मानक पूर्ण बताकर चर्चित फैक्ट्री मालिक पाईपों की आपूर्ति करता है। पूरे चित्रकूट मंडल में इसके जगह-जगह दुकानों में पाइप बिक रहे हैं। हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट तक इसके द्वारा प्राइवेट के अलावा सरकारी स्तर पर पाईपों की आपूर्ति की जाती है। 

शहर के कालूकुंआ से पल्हरी रोड पर इस ठेकेदार फैक्ट्री मालिक की फैक्ट्री का धंधा लूट के परवान पर है। आश्चर्य तो यह बताया जाता है की यहां निर्मित प्लास्टिक के पाईपों का मानक इतना निम्न स्तर का होता है कि अधिकांश बोरिंग में डालने के समय फट जाते है और जंग सा लग जाता है। जो कुछ माह में लीकेज करने लगते हैं। लेकिन कमीशन के चक्कर में अधिकारी व दलाल इन्हें सर्वोत्तम बताते हैं। सरकारी विभागों में बोरिंग एंव पाईप आपूर्ति की शासन से जांच होना अति जरूरी है। यदि गहनता से जांच हो जाये तो फैक्ट्री मालिक सहित बड़े-बड़े संबंधित अफसर फंसे नजर आयेंगे !