अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से ब्रेक लेना चाहते हैं शाकिब अल हसन

बांग्लादेश हरफनमौला शाकिब अल हसन अपनी मानसिक और शारीरिक फिटनेस को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से ब्रेक लेना चाहते हैं। हाल ही में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने साउथ अफ्रीका दौरे के लिए वनडे और टेस्ट टीम का ऐलान किया है और दोनों ही टीमों में शाकिब को रखा गया है। शाकिब का कहना है कि वह इस समय टीम में अपना पूरा योगदान नहीं दे पा रहे है और मानसिक व शारीरिक स्थिति को देखते हुए उन्हें नहीं लगता कि वह ज्यादा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकते हैं। 

ईएसपीएनक्रिकइंफो ने शाकिब के हवाले से लिखा "मेरी मानसिक और शारीरिक स्थिति को देखते हुए, मुझे नहीं लगता कि मैं ज्यादा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकता हूं। अगर मुझे ब्रेक मिलता है, अगर मुझे अपनी रुचि वापस मिलती है, तो मैं और आसानी से खेल सकता हूं। मैं अफगानिस्तान श्रृंखला में एक यात्री की तरह था। मैंने वनडे और टी 20 सीरीज का आनंद नहीं लिया। मुझे नहीं लगता कि मुझे इस तरह की मानसिकता के साथ दक्षिण अफ्रीका दौरे पर होना चाहिए। जब मैं खेल रहा हूं तो मैं सभी की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहता हूं। "

उन्होंने आगे कहा "मेरे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की कोई गारंटी नहीं है, लेकिन कम से कम मुझे पता चल जाएगा कि मैंने देश के लिए सबसे बेहतर प्रयास किया। मैं समय या किसी का स्थान बर्बाद नहीं करना चाहता। इस तरह से खेलना, एक यात्री के रूप में, यह विश्वासघात करने जैसा होगा। यह मेरे साथियों और देश को धोखा देने जैसा होगा।" हाल ही में संपन्न हुई अफगानसितान के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज में शाकिब ने 74 रन बनाने के साथ-साथ 7 विकेट चटकाए थे।

शाकिब ने यह भी कहा कि उन्होंने बीसीबी प्रमुख हसन को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलने के बारे में बताया किया था। शाकिब ने कहा "मैंने जलाल भाई को बताया था मगर उन्होंने मुझे कुछ दिनों के लिए इसके बारे में सोचने के लिए कहा है। मैं उसके बाद एक निर्णय की उम्मीद कर रहा हूं। मैंने पहले पापोन भाई से बात की थी कि मैं दोनों सीरीज खेलूंगा लेकिन मैंने कल के मैच के बाद मैंने इस पर और सोचा। मेरी मानसिक और शारीरिक स्थिति को देखते हुए, मुझे थोड़ा समय चाहिए। बेहतर शारीरिक स्थिति में टेस्ट खेलने के लिए मैं वनडे छोड़ सकता हूं।

उन्होंने आगे कहा ""मुझे लगता है कि करियर के इस चरण में मुझे लॉन्ग टर्म प्लानिंग की जरूरत है। मुझे यह जरूरी लगता है कि हमारे पास हर चीज के बारे में स्पष्टता हो। बोर्ड को मैंने बोर्ड को जो लेटर भेजा उसमें 6 महीने के ब्रेक के बारे में कुछ नहीं था, मैंने बोर्ड को बताया कि मैं इस साल 22 नवंबर तक टेस्ट से बाहर रहना चाहता हूं। मैं पूरी तरह से सफेद गेंद वाले क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करना चाहता था। अगले दो वर्षों में हमारे पास दो विश्व कप हैं। मैं पूरी तरह से टेस्ट नहीं छोड़ना चाहता था। क्योंकि हम टेस्ट टीम में अच्छा बैलेंस बनाना चाहते हैं तो मैं अपने फिटनेस और उम्र को ध्यान में रखते हुए सफेद गेंद क्रिकेट पर फॉकस करूं, ताकि मैं वनडे और टी20 में बेहतर प्रदर्शन कर सकूं। मुझे लगता है कि यह सही होगा कि मुझे मेरे लॉन्ग टर्म प्लान पता होगा, सीरीज दर सीरीज के बारे में सोचने का कोई मतलब नहीं है।"

बांग्लादेश को इसी महीने साउथ अफ्रीका का दौरा करना है। इस टूर पर टीम को तीन वनडे और दो टेस्ट मैच की सीरीज खेलनी है। वनडे सीरीज का आगाज 18 मार्च से होगा, वहीं पहला टेस्ट 31 मार्च से और दूसरा टेस्ट 8 अप्रैल से खेला जाएगा।