श्रीमद् भागवत कथा कोई साधरण कथा नहीं : गिरीशानंद सरस्वती महाराज

वृंदावन। मथुरा मार्ग स्थित वात्सल्य ग्राम में रविवार से शुरू हुई गिरीशानंद सरस्वती जी महाराज की श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में भक्त भावविभोर होकर ज्ञान रूपी गंगा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। चौथे दिन व्यास पीठाधीश्वर श्री गिरीशानंद सरस्वती जी महाराज के मुख से बाली बामन प्रसंग राम चरित्र कृष्ण जन्म व नंद उत्सव सुनकर भक्त भावविभोर हो उठे।  श्री गिरीशानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा श्री राम भगवान ने मर्यादा में रहते हुए दुष्टों का संहार किया।भक्तों को राम जी के बताए गए मार्ग पर चलना चाहिए।श्री राम ने जिस से मित्रता की उसे निभाया। श्री राम कथा हमको जीना सिखाती है और कृष्ण कथा हमको कर्म करने के लिए प्रेरित करती है।कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान पूरा परिसर श्री कृष्ण के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।नंद उत्सव के दौरान जमकर उपहार लुटाए गए। श्रद्धालु नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की धुन पर जमकर थिरके।श्री सरस्वती जी महाराज ने आगे कहा श्रीमद् भागवत कथा साधारण कथा नहीं है यह सारी व्यथाओं को हरने वाली है। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य का कल्याण हो जाता है। जिस जिस ने श्रीमद् भागवत कथा सुनी है उसी का कल्याण हुआ है। ब्रज में श्रीमद् भागवत कथा सुनने का अधिक फल मिलता है। ब्रज वास के लिए देवता भी तरसते हैं।भक्तों को चाहिए कि वे हर समय भगवान का नाम सुमिरन करते रहें। कलयुग में भगवान के नाम सुमिरने से प्राणी मात्र का कल्याण हो जाता है। कलयुग केवल नाम अधारा सुमिर सुमिर नर उतरहीं पारा।इस अवसर पर गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज,दीदी मां साध्वी ऋतंभरा जी,जगतगुरु मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज, आर. एन. द्विवेदी (राजू भैया) प्रवक्ता श्री उमा शक्ति पीठ श्री धाम वृंदावन, प्रवीण मलिक सी.ओ. सदर कथा आयोजकों ने सभी आए हुए अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। विष्णु बंसल, रेखा बंसल, सत्यप्रकाश बंसल व शांति स्वरूप बंसल एवं बंसल परिवार मुंबई मोजूद रहे।