तटबंध के नीचे की ढोयी जा रही बालू, बढ़ा खतरा

बांदा। केन नदी के तटबंध के आसपास व नीचे बालू चोरों का आतंक इस कदर है कि तटबंध की दीवारें भी इन बालू चोरों से नष्ट होती जा रही हैं। यही स्थिति रही तो बांदा को बाढ़ से बचाने वाला तटबंध कुछ सालों में ध्वस्त हो जाएगा। बालू माफिया, पुलिस की मिलीभगत के कारण खुलेआम दिनदहाड़े ट्रैक्टरों व ई-रिक्शा में ओवरलोड मौरंग-बालू ढोयी जा रही है। शहर के श्रीसंकटमोचन मंदिर के सामने कलेक्ट्रेट-कचहरी होकर दिनभर ई-रिक्शा, ट्रैक्टर-ट्राली में कालवनगंज पुलिस चैकी, बलखंडीनाका, सिविल लाइन सभी के सामने से ंओवरलोड कर अवैध बालू खनन कर दिन-रात ढोते हुए देखे जा सकते हैं। उच्चाधिकारी इस पर आंख बंद किए हैं। चैकी के सिपाही व होमगार्ड से लेकर अन्य लोग निकासी में पौ बारह कर रहे हैं। खनिज अधिकारी पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ऐसा लगता है कि पूरा सिस्टम ही लोभ के कारण फेल हो चुका है। एक न एक दिन इस लोभ का भोग भी शहर वासियों को तटबंध खोकर बाढ़ के पानी को कई मोहल्लों में प्रवेश कराकर भोगना पड़ेगा।