शेन वॉर्न की 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' पर आउट होने वाले माइक गैटिंग ने कहा

स्पिन गेंदबाजी को नई परिभाषा देने वाले ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न का शुक्रवार को थाईलैंड में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वॉर्न अपने 15 साल के इंटरनेशनल करियर के दौरान कई रिकॉर्ड और अपने विवादों की वजह से चर्चा में रहे थे। लेकिन 29 साल पहले उन्होंने एक ऐसी गेंद फेंकी थी, जिसे 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' का नाम दिया गया था। इस गेंद पर जो बल्लेबाज आउट हुए थे उन्होंने अब वॉर्न को अपनी श्रद्धांजलि दी है। वॉर्न की 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' का सामना करने वाले इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज माइक गैटिंग ने कहा है वह इस महान स्पिनर के अचानक निधन से काफी दुखी है और वह हमेशा उन्हें ऐसे व्यक्ति के तौर पर याद रखेंगे जिसने खेल का लुत्फ उठाया।

वार्न ने 1993 में 24 वर्ष की उम्र में ओल्ड ट्रैफर्ड में जिस गेंद पर गैटिंग को आउट किया था, उसे 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' माना जाता है। गैटिंग उस लेग ब्रेक पर हैरान रह गए। गेंदबाजी की यह कला उस समय अंतिम सांसे ले रही थी जब वॉर्न ने इसे पुनर्जीवित किया। गैटिंग ने 'स्काई स्पोर्ट्स न्यूज' से कहा, 'इसमें कोई शक नहीं कि वह हमेशा नंबर एक बने रहेंगे। मुझे पता है कि काफी महान क्रिकेटर, महान स्पिनर और महान लेग स्पिनर होंगे लेकिन जहां तक मेरा सवाल है तो मेरे लिए वार्नी हमेशा नंबर एक बने रहेंगे। उनके निधन की खबर सुनकर टूट गया हूं, उनके परिवार के लिए बहुत दुख महसूस कर रहा हूं। उनका जाना कई लोगों के लिए काफी दुखदायी है।' 

दरअसल 1993 में ऑस्ट्रेलिया की टीम इंग्लैंड दौरे पर एशेज सीरीज खेल रही थी और सीरीज का पहला टेस्ट मैच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जा रहा था। मैच के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में पांच विकेट पर 242 रन बनाए थे, दूसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई टीम 289 रनों पर सिमट गई। 4 जून को ऑस्ट्रेलियाई टीम गेंदबाजी करने आई। शेन वॉर्न अपना 12वां टेस्ट मैच खेल रहे थे, उनके करियर का यह पहला एशेज टेस्ट मैच था। माइक आर्थटन आउट हो चुके थे और क्रीज पर ग्राहम गूच और माइक गैटिंग मौजूद थे, जब वॉर्न अपना पहला ओवर फेंकने आए थे। वॉर्न ने एशेज सीरीज में अपनी पहली गेंद फेंकी और माइक गैटिंग क्लीन बोल्ड हो गए। उस गेंद को 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' कहा गया, आज तक क्रिकेट जगत में उस गेंद का जिक्र किया जाता है।