तेल कंपनियों ने दिया तगड़ा झटका, डीजल की कीमतों में 25 रुपये का किया इजाफा, पेट्रोल पंप के बाहर लगी कतार

नई दिल्ली: थोक उपभोक्ताओं को तेल कंपनियों ने तगड़ा झटका दिया है। डीजल की कीमतों में 25 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है। तेल कंपनियों की तरफ से ये फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हो रही वृद्धि के बाद लिया गया है। ये फैसला आने की सूचना मिलते ही थोक खरीदारों की लम्बी लाइन पेट्रोल पंप के बाहर देखने को मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रवक्ता बताते हैं कि थोक डीजल खरीदार खुदरा स्टेशनों से डीजल से खरीद रहे हैं, क्योंकि पंप की कीमतें उनके थोक के कांट्रैक्ट की कीमतों से 25 रुपये प्रति लीटर कम हैं। थोक उपभोक्ताओं के लिए डीजल की कीमतों में भले ही वृद्धि की गई हो लेकिन आम लोगों को अब भी पुराने रेट पर ही पेट्रोल और डीजल मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में इजाफे के बाद भी खुदरा कीमतों में 4 नंवबर से ही कोई बदलाव तेल कंपनियों की तरफ से नहीं किया गया है। 

मुंबई में 122 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचा डीजल का रेट 

मुंबई में थोक उपभोक्ताओं के लिए डीजल का दाम बढ़कर 122.05 रुपये प्रति लीटर हो गया है। पेट्रोल पंपों पर डीजल 94.14 रुपये प्रति लीटर के भाव बिक रहा है। इसी तरह दिल्ली में पेट्रोल पपों पर डीजल 86.67 रुपये प्रति लीटर है जबकि थोक या औद्योगिक ग्राहकों के लिए इसकी कीमत 115 रुपये प्रति लीटर है। RBML के प्रवक्ता कहते हैं, 'डीजल की खुदरा और इंडस्ट्रियल कीमतों में 25 रुपये प्रति लीटर के अंतर की वजह से पेट्रोल पंप की डिमांड में तेजी से उछाल आया है।'

थोक उपभोक्ताओं के लिए दरों और पेट्रोल पंप कीमतों में 25 रुपये के बड़े अंतर की वजह से थोक उपभोक्ता पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद रहे हैं। वे पेट्रोलियम कंपनियों से सीधे टैंकर बुक नहीं कर रहे हैं। इससे पेट्रोलियम कंपनियों का नुकसान और बढ़ा है। जियो-बीपी ने कहा कि खुदरा आउटलेट्स पर मांग में भारी वृद्धि हुई है। खुदरा और औद्योगिक मूल्य में 25 रुपये प्रति लीटर के अंतर की वजह से थोक उपभोक्ता भी खुदरा पेट्रोल पंपों से खरीद कर रहे हैं।