11वीं किस्त से पहले PM Kisan सम्मान निधि योजना में हुए ये बदलाव, आपके लिए जानना बेहद जरूरी

नई दिल्ली : पीएम किसान सम्मान निधि योजना 2022 में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जो 12 करोड़ से अधिक किसानों पर सीधा असर डालेगा। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 8 बदलाव हो चुके हैं। कुछ दिन पहले लाभार्थियों के लिए को e-KYC करना जरूरी हो कर दिया गया था। अब जो बदलाव हुआ है, उससे अपात्र लाभार्थियों की पहचान आसानी से हो जाएगी।

क्या बदला है?

पीएम किसान के तहत लााखों किसानों ने फर्जी तरीके से 2000-2000 रुपये की कई किस्तें डकार लीं। कोई आयकरदाता होते भी किस्त पा रहा है तो किसी के परिवार में पति-पत्नी दोनों किस्त उठा रहे हैं। भले से खेत पति और पत्नी के नाम हों, लेकिन अगर एक ही साथ रहते हैं और परिवार में बच्चे नाबालिग हैं तो केवल एक ही व्यक्ति को इस योजना का लाभ मिलेगा।

सरकार ने ऐसे अपात्रों पर शिकंजा कसने के लिए वसूली का नोटिस भेजना श्ुरू कर दिया है। कई जगहों पर तो लोगों के जेल जाने की भी नौबत आ गई है। अगर आप जेल नहीं जाना चाहते हैं तो गलत तरीके से लिए गए पीएम किसान का पैसा वापस कर दें। इसके लिए सरकार ने पीएम किसान पोर्टल पर एक सुविधा दी है। आप ऑनलाइन पैसा रिफंड कर सकते हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 11वीं किस्त आने से ठीक पहले मोदी सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है।

पहला बदलाव: किसान क्रेडिट कार्ड और मानधन योजना का लाभ

पीएम किसान स्कीम से अब किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को भी जोड़ दिया गया है। पीएम किसान के लाभार्थियों के लिए केसीसी बनवाना आसान हो गया है।  केसीसी पर 4 फीसदी पर 3 लाख रुपये तक किसानों को लोन मिलता है। वहीं  पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे किसान को पीएम किसान मानधन योजना के लिए कोई दस्तावेज नहीं देना होगा। इस योजना के तहत किसान पीएम-किसान स्कीम से प्राप्‍त लाभ में से सीधे ही अंशदान करने का विकल्‍प चुन सकते हैं।

दूसरा बदलाव: स्टेटस जानने की सुविधा

सरकार ने एक और बड़ा बदलाव किया कि आप रजिस्ट्रेशन के बाद अपना स्टेटस खुद चेक कर सकते हैं। जैसे आपके आवेदन की क्या स्थिति है, आपके बैंक अकाउंट में कितनी किस्त आ चुकी है आदि। अब पीएम किसान पोर्टल पर जाकर कोई भी किसान अपना आधार नंबर, मोबाइल या बैंक खाता नंबर दर्ज कर स्टेटस की जानकारी ले सकता है।

तीसरा बदलाव: खुद रजिस्ट्रेशन की सुविधा

पीएम किसान योजना का लाभ अधिक से अधकि किसानों तक पहुंचे, इसके लिए मोदी सरकार ने लेखपाल, कानूनगो और कृषि अधिकारी के चक्कर लागाने की बाध्यता ही खत्म कर दी। अब किसान अपना रजिस्ट्रेशन खुद कर सकते हैं वो भी घर बैठे। अगर आपके पास खतौनी,  आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट नंबर है तो  pmkisan.gov.in  पर फामर्स कॉर्नर में जाकर खुद अपना रजिस्ट्रेशन कर लें।

चौथा बदलाव: आधार कार्ड अनिवार्य

अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम का फायदा उठाने की सोच रहे हैं तो सबसे जरूरी आपका आधार है। बिना आधार के आप इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते। सरकार ने लाभार्थियों के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम का फायदा उठाने की सोच रहे हैं तो सबसे जरूरी आपका आधार है। बिना आधार के आप इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते। सरकार ने लाभार्थियों के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। 

 पांचवां बदलाव: जोत की सीमा खत्म

योजना की शुरुआत में केवल उन किसानों को इसका पात्र माना गया, जिनके पास कृषि योग्य खेती 2 हेक्टेयर या 5 एकड़ थी। अब मोदी सरकार ने यह बाध्यता खत्म कर दी है ताकि इसका लाभ 14.5 करोड़ किसानों को मिल सके।

छठा बदलाव: e-KYC अनिवार्य

सरकार ने PM KISAN योजना में रजिस्टर्ड किसानों के लिए e-KYC  आधार अनिवार्य कर दिया है। पोर्टल पर कहा गया है कि आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण के लिए किसान कॉर्नर में ईकेवाईसी विकल्प पर क्लिक करें और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए निकटतम सीएससी केंद्रों से संपर्क। वैसे आप घर बैठे ही अपने मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर की मदद से इसे पूरा कर सकते हैं।

सातवां दबलाव: मोदी सरकार ने इस योजना में एक बड़ा बदलाव करके किसानों को तोहफा दिया था। वह बदलाव था कि आप रजिस्ट्रेशन के बाद अपना स्टेटस खुद चेक कर सकते हैं। जैसे आपके आवेदन की क्या स्थिति है, आपके बैंक अकाउंट में कितनी किस्त आ चुकी है आदि। अब पीएम किसान पोर्टल पर जाकर कोई भी किसान अपना आधार नंबर, मोबाइल या बैंक खाता नंबर दर्ज कर स्टेटस की जानकारी ले सकता था।

इसमें कोई शक नहीं कि मोबाइल नंबर से स्टेटस चेक करने में बहुत अधिक सहूलियत थी। वहीं, इसके नुकसान भी बहुत थे। दरअसल बहुत से लोग किसी का भी मोबाइल नंबर डालकर स्टेटस चेक कर लेते थे। ऐसे में किसानों की बहुत सारी जानकारी दूसरे लोग हासिल कर लेते थे। अब ऐसा होना मुश्किल है।