नए साल में PNB, SBI और HDFC ने लेन-देन के नियमों में किए कई बड़े बदलाव, आप पर पड़ेगा सीधा असर

नई दिल्ली : नए साल में पीएनबी, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक ने उपभोक्ताओं से जुड़े लेन-देन के नियमों में कई बदलाव किए हैं। इसमें पीएनबी ने न्यूनतम जमा सीमा दोगुना बढ़ाकर ग्राहको को बड़ा झटका दिया है। वहीं एसबीआई ने एटीएम से 10 हजार रुपये से अधिक की नकद निकासी पर ओटीपी अनिवार्य कर दिया है। जबकि एचडीएफसी बैंक ने एसएमएस शुल्क में भारी कटौती कर बड़ी राहत दी है। एसबीआई ने बयान में कहा है कि अब एटीएम से 10 हजार रुपये से ज्यादा की निकासी के लिए एक ओटीपी की मदद लेनी होगी। यह ओटीपी आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर भेजा जाएगा। इसके पहले रात आठ बजे के बाद एसबीआई के एटीएम से राशि निकालने पर ओटीपी जरूरी था।

बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस के अलावा पीएनबी ने लॉकर शुल्क में भी बदलाव किए हैं। इसके तहत एक्स्ट्रा लार्ज साइज के लॉकरों को छोड़कर सभी टाइप के लॉकर पर ज्यादा शुल्क देना होगा। अर्बन और महानगरों में लॉकर के चार्ज को 500 रुपये तक बढ़ाया गया है। छोटे साइज के लॉकर का चार्ज ग्रामीण इलाके में पहले एक हजार रुपये था जो बढ़कर 1,250 रुपये कर दिया गया। जबकि शहरी इलाके में यह 1,500 से बढ़कर 2 हजार रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही मध्यम साइज के लॉकर का चार्ज ग्रामीण इलाके में 2 हजार से बढ़कर 2,500, जबकि शहरी इलाके में 3 हजार से बढ़कर 3,500 रुपये हो गया है। वहीं बड़े लॉकर की बात करें तो ग्रामीण इलाके में 2,500 से 3,000 हजार और शहरी इलाके में 5,000 से 5,500 रुपये हो गया है।

पीएनबी की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संशोधित टैरिफ के अनुसार, मेट्रो क्षेत्र यानी बड़े शहरों में रहने वाले ग्राहकों के लिए अपने बचत खाते में कम से कम 10,000 रुपये का बैलेंस होना जरूरी है। यह पहले 5000 रुपये था, जिसे बैंक ने बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है। इससे कम बैलेंस होने पर अब 600 रुपये का शुल्क देना होगा, अभी तक यह 300 रुपये था। वहीं ग्रामीण इलाकों के ग्राहकों को न्यूनतम बैलेंस से कम रखने पर अब 200 रुपये की जगह 400 रुपये प्रति तिमाही देना होगा।

इसके अलावा पीएनबी की वेबसाइट पर बताया गया है कि अब बैंक में करेंट अकाउंट को खोलने के 14 दिन और एक साल के अंदर अगर आप बंद कराते हैं तो 800 रुपये का शुल्क देना होगा, जो कि अब तक 600 रुपये देय था। इसके अलावा, एक फरवरी से आपकी किसी किस्त या निवेश का डेबिट पैसा न होने से फेल होता है तो इसके लिए 250 रुपये देने होंगे। अभी तक इसके लिए 100 रुपये लगते थे। अगर आप डिमांड ड्राफ्ट को कैंसिल कराते हैं तो अब 150 रुपए देने होंगे। इसके लिए अभी 100 रुपये का चार्ज लगता था।

निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने इंस्टा अलर्ट सर्विस चार्ज में में बदलाव किया है। अगर ग्राहक इंस्टा अलर्ट एसएमएस सेवा के लिए प्रति तिमाही तीन रुपये का भुगतान कर रहे थे जो अब प्रति एसएमएस केवल 20 पैसे के साथ जीएसटी का भुगतान करेंगे। वहीं, ईमेल अलर्ट के लिए किसी तरह का चार्ज नहीं लगेगा। यह बदलाव एक जनवरी 2022 से लागू हैं।