IND vs SA: वसीम जाफर ने माना टीम इंडिया ने कोहली को किया मिस

भारतीय टीम ने सेंचुरियन में पहला टेस्ट मैच जीतकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज की शानदार शुरुआत की थी। इस जीत के साथ टीम 30 साल बाद दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज जीतने की राह पर चल पड़ी थी। लेकिन साउथ अफ्रीका के कप्तान डीन एल्गर ने दूसरे मैच में नाबाद 96 रन की पारी खेलकर भारत की सीरीज जीतने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हालांकि भारतीय टीम के पास अभी भी आखिरी मैच जीतकर सीरीज अपने नाम करने का मौका है। भारतीय टीम के पूर्व ओपनर वसीम जाफर ने कहा है कि टीम इंडिया ने कप्तान विराट कोहली को दूसरे टेस्ट में मिस किया है और इसी ने अंतर पैदा किया।

केएल राहुल की कप्तानी में भारतीय तेज गेंदबाज अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। इस वजह से मेजबान टीम ने मैच जीतने के लिए मिले 240 रनों के टारगेट को दूसरी पारी में 3 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया। बारिश और गीली आउटफील्ड की वजह से चौथे दिन का खेल काफी हद तक प्रभावित हुआ। लेकिन भारतीय गेंदबाज इसका फायदा नहीं उठा सके।

वसीम जाफर ने कहा कि भारत ने विराट कोहली की मैदान पर मौजूद एनर्जी को मिस किया। जिसकी वजह से खिलाड़ियों के अंदर जोश दिखता है। केएल राहुल के बतौर कप्तान पहले टेस्ट मैच में इसकी कमी दिखी। वसीम जाफर ने इनसाइडक्रिकेट शो में बताया, ''भारत ने कप्तान विराट कोहली को निश्चित तौर पर मिस किया। क्योंकि वह मैदान पर काफी आक्रमकता लाते हैं। जब आपके पास ऐसा खिलाड़ी मैदान पर होता है, तो आप जानते हैं कि आप अपनी गलती के लिए जवाबदेह होंगे। उन्होंने उस एनर्जी को मिस किया।''

वहीं वसीम जाफर का मानना है कि केएल राहुल दूसरे टेस्ट में कप्तानी के लिए सही विकल्प नहीं थे। विराट पीट में जकड़न के कारण इस मैच का हिस्सा नहीं थे। जाफर के मुताबिक अजिंक्य रहाणे को कप्तानी सौंपी जानी चाहिए थी, जिनके नेतृत्व में भारत कभी मैच नहीं हारा है। वसीम जाफर ने कहा, ''मैं भी टीम मैनेजमेंट के फैसले से हैरान था। जब आपको अजिंक्य रहाणे जैसा कोई मौजूद है, जिसने टेस्ट मैच नहीं हारा और आपको ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज भी जिताई है, क्या आपको केएल राहुल को कप्तानी देने के जरुरत थी?''

उन्होंने आगे कहा, ''मेरे पास केएल राहुल के खिलाफ होने की कोई वजह नहीं है। वह युवा है और पंजाब किंग्स के लिए कप्तानी कर चुका है। लोग उसे भविष्य के कप्तान के रूप में देख रहे हैं। लेकिन मुझे लगता है कि कोहली की अनुपस्थिति में रहाणे को कप्तानी करनी चाहिए थी।''

इससे पहले टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली ने विराट की कप्तानी को लेकर एक अहम बात कही। कांबली ने कहा कि विराट की कप्तानी में 200 रनों को डिफेंड करते हुए टीम इंडिया कभी नहीं हारी है और यह बात उन्हें खास कप्तान बनाती है, जिसकी कदर नहीं की गई।

कांबली ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'टीम इंडिया ने विराट कोहली की कप्तानी में 200 रन डिफेंड करते हुए कभी कोई टेस्ट मैच नहीं हारा, इसलिए ये कप्तान खास है जिसकी कदर नहीं की गई। साउथ अफ्रीका के खिलाफ इस मुकाबले ने काफी कुछ साफ किया है।' पिछले कुछ समय से विराट की कप्तानी पर काफी चर्चा हो रही है। टी20 वर्ल्ड कप से पहले विराट ने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला सुनाया था। दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले विराट से वनडे टीम की कप्तानी भी ले ली गई। इसको लेकर विराट और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के बयानों में भी दो अलग तरह की बातें सामने आईं।