दिल्ली में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे, CM केजरीवाल बोले- लोगों को घबराने की जरूरत नहीं

दिल्ली : दिल्ली में कोरोना की स्थिति पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। तीन दिन में तीन गुना केस बढ़े हैं। दिल्ली में अभी 6306 सक्रिय केस हो गए हैं। सीएम केजरीवाल ने बताया कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, रविवार को 3100 नए मामले सामने आने की उम्मीद है। शनिवार को केवल 246 अस्पतालों के बेड भरे हुए थे। सभी मामले हल्के और बिना लक्षण वाले हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक अस्पतालों में केवल 82 ऑक्सीजन बेड भरे हुए हैं। दिल्ली सरकार ने 37,000 बेड की तैयारी की है। मैं आपको सिर्फ यह बताना चाहता हूं कि सभी नए मामले हल्के लक्षणों वाले और बिना लक्षण वाले हैं, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। 

जानकारी के अनुसार, इसी सप्ताह सोमवार को संक्रमण दर आधा फीसदी पार होते ही दिल्ली सरकार ने ग्रैप नियम के तहत येलो अलर्ट जारी किया था। इसके तहत ही नाइट कर्फ्यू की घोषणा की गई और डीटीसी-मेट्रो में 50 फीसदी क्षमता कर दी गई, लेकिन इसके बाद हर दिन संक्रमण दर तेज गति से आगे बढ़ती चली गई और शनिवार को यह 3.64 फीसदी तक पार गई। ग्रेप नियम के तहत लगातार दो दिन तक इसी स्थिति को ऑरेंज अलर्ट माना जाता है। इस दौरान पाबंदियां सख्त हो जाएंगी।

उधर, कोरोना आंकड़ों पर गौर करें तो 27 दिसंबर से एक जनवरी के बीच दैनिक संक्रमण दर 0.68 से बढ़कर 3.64 फीसदी तक पहुंच गई है। करीब तीन फीसदी का इजाफा हुआ है, यानी इन छह दिन में ही नए संक्रमित मरीजों की संख्या अब तीन फीसदी अधिक मिलने लगी है। बीते 27 दिसंबर को दिल्ली में 0.68 फीसदी संक्रमण दर दर्ज की गई थी, जब 331 नए मामले सामने आए थे। इसके बाद 28 दिसंबर को यह संक्रमण दर 0.89 फीसदी हुई, लेकिन अगले ही दिन यह 1.29 फीसदी तक पहुंच गई। 30 दिसंबर को 1.73 और 31 दिसंबर को यह 2.44 फीसदी रही, लेकिन एक जनवरी को यह दैनिक संक्रमण दर 3.64 फीसदी तक पहुंच गई है।

शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि राजधानी में कोविड संबंधी नए प्रतिबंध लगाने से पहले स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही आगे के निर्णय होंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि के बावजूद अस्पताल में भर्ती होने वाले रोगियों की संख्या फिलहाल कम है। ऐसे में सिर्फ संक्रमण दर के आधार पर ही फैसला नहीं लिया जा सकता। बीते बुधवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने यह निर्णय लिया था कि दिल्ली में 'येलो अलर्ट' के तहत लगे प्रतिबंध अभी लागू रहेंगे और अधिकारी नए प्रतिबंध लगाने के संबंध में स्थिति पर नजर बनाए रखेंगे। स्कूल और मल्टीप्लेक्स समेत अन्य बंद कर दिए हैं। दिल्ली में दूसरी लहर के दौरान अप्रैल और मई में बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में भर्ती हो रहे थे, लेकिन अब भर्ती संख्या कम है। आगे के प्रतिबंधों की समीक्षा होगी।