जसप्रीत बुमराह : मैं बाहरी शोर पर नहीं, बल्कि वर्तमान पर ध्यान देता हूं

भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह कितने बड़े मैच विनर हैं, ये हर किसी को पता है। हालांकि, कई बार जब वे प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं तो उनकी आलोचना होती है, लेकिन बुमराह का मानना है कि वे बाहरी शोर से ज्यादा परेशान नहीं होते हैं और अपना सौ फीसदी देने में विश्वास रखते हैं। बुमराह इस बात को भी समझते हैं कि बाहर के शोर पर ध्यान देने का कोई मतलब नहीं है। बुमराह ने केपटाउन में जारी तीसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में पांच विकेट अपने नाम किए। 

 दूसरे दिन के खेल के दौरान 42 रन देकर 5 विकेट लेने बाद जसप्रीत बुमराह ने कहा, 'कुछ भी सामान्य नहीं था और मैं अतिरिक्त ध्यान नहीं दे रहा था। मैं वास्तव में बहुत अधिक क्रोधित नहीं था और मैं वर्तमान पर ध्यान केंद्रित कर रहा था और मुझे जो करना था वह किया।' यह पूछे जाने पर कि क्या बाहर का शोर वास्तव में टीम को परेशान करता है तो इसका जवाब बुमराह ने मुस्कुराते हुए दिया। 

उन्होंने कहा, 'सफलता एक बाई-प्रोडक्ट है और मूल रूप से हम जो करते हैं वह एक दिनचर्या है और उसका पालन करना है। किसी दिन मुझे विकेट मिलेंगे, किसी दिन किसी और को विकेट मिलेंगे।' बुमराह ने ये भी कहा कि आलोचना और प्रशंसा उनको ज्यादा विचलित नहीं करती है। उन्होंने कहा, 'आलोचना करने वाले होंगे और आपकी प्रशंसा करने वाले लोग होंगे और यह एक ऐसी चीज है जिसे एक व्यक्ति को तय करना होता है।'

टेस्ट क्रिकेट में अब तक 7 फाइव विकेट हॉल प्राप्त कर चुके तेज गेंदबाज ने कहा, 'मैं वास्तव में बाहरी शोर पर ध्यान नहीं देता, क्योंकि यह वास्तव में मदद नहीं करता है। जब मैं गेंदबाजी करता हूं, तो यह मेरे नियंत्रण में होता है और मैं गेंदबाजी के प्रति अपने दृष्टिकोण को लाने की कोशिश करता हूं, जो हो रहा है उससे बचने की कोशिश करता हूं, हो सकता है कि कुछ लोग मेरी गेंदबाजी को पसंद करें और कुछ लोगों को मेरी गेंदबाज शायद पसंद नहीं हो।'