बहादुरपुर गांव में यदि नहीं चेती पुलिस तो हो सकता है खून खराबा

अनिल श्रीवास्तव

यह कैसा गांव जहां हो रहा है अवैध असलहो का प्रदर्शन

शोले फिल्म की तर्ज पर अपराधिक लोग कर रहे हैं प्रदर्शन

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल ने साफ शब्दों में यह कहा है कि किसी व्यक्ति का नैतिक उत्पीड़न ना किया जाए। उनके इस बड़े बयान का भले ही समूचे उत्तर प्रदेश में पालन होता नजर आ रहा हो किंतु प्रदेश के फतेहपुर जनपद का गाजीपुर थाना क्षेत्र ऐसा इलाका है जहां कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। रिश्वत से रंगे हाथ सिर्फ अवैध वसूली करने में जुटे हुए हैं लेकिन अवैध वसूली करने वाले खाकी के सूरमा न्याय की बात कैसे कर सकते हैं। मालूम रहे कि बहादुरपुर गांव में घटी घटना तो इंसानों के बीच थी तो बेजुबान जानवरो का कौन सा कसूर था। हैरत की बात तो यह है कि बहादुरपुर और सेवरामऊ गांव के संगम और अंशु खुलेआम अवैध असला लहरा कर अपनी दबंगई का परिचय दे रहे हैं किंतु उसके बावजूद गाजीपुर थाना अध्यक्ष कार्यवाही के नाम पर कुंभकर्णी नींद सो रहा है इस थाना क्षेत्र में यदि पुलिस पूरी तरह मौन धारण कर रखेगी तो बहादुरपुर गांव में बह सकती है लहू की लाल नदी।