गरजी भाकियू, ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से नष्ट हुईं फसलों का मुआवजा दे सरकार

उरई/जालौन। बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने मटर, मसूर, चना और लाही की फसल पर कहर बरपाया है। लगभग सभी जगह तैयार होने वाली फसलों को नुकसान हुआ हैं। नुकसान को लेकर किसानों ने मुआवजे की मांग की है। मुहम्मदाबाद के किसानों का कहना है कि बेमौसम हुई बरसात से उनकी सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई हैं। रबी फसल अच्छी होने की आस लगाए किसानों के अरमानों पर बारिश ने पानी फेर दिया। अब किसान शासन से नुकसान की भरपाई होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। किसान देवकरन का कहना है मटर, मसूर, चने की फसलें में फूल आ गए थे। लेकिन यह फसलें बारिश और ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गईं। क्षेत्र में करीब 40 फीसदी फसलें खराब हो गईं। पीड़ित किसान ने प्रशासन से फसलों का सर्वे कराकर जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसान धर्मपाल ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं हैं। बताया कि कई किसानों ने केसीसी से कर्ज लेकर फसलों की बुवाई की थी। अब कर्ज की भरपाई करने में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। कहा कि किसानों को जल्द मुआवजा मिलना चाहिए। बारिश व ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी का मुद्दा भाकियू की पंचायत में जोरशोर से उठाया गया। किसानों ने एसडीएम से नष्ट हुईं फसलों का सर्वे जल्द कराकर दैवी आपदा फंड से प्रभावित हुए किसानों को तत्काल राहत राशि व बीमा कंपनी से फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग की। कृषि मंडी परिसर स्थित किसान भवन में सोमवार को प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ केदारनाथ सिमिरिया पंचायत में कहा कि लगातार बारिश व ओलावृष्टि से नष्ट हुईं फसलों से किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा 40 प्रतिशत पात्र किसानों को अभी भी सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिला है। एसडीएम राजेश सिंह को पदाधिकारियों ने ज्ञापन देकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस दौरान तहसील अध्यक्ष चतुर सिंह पटेल, डॉ पीडी निरंजन, वीरेंद्र लौना, रामसिया, रामसिंह, वीरेंद्र सिंह, विजय सिंह,रामदास कुशवाहा,राकेश पटेल, कृष्णकुमार वर्मा, पर्वत सिंह, नंदकुमार तिवारी आदि मौजूद रहे।