नहीं रहे जापान के पूर्व प्रधानमंत्री तोशिकी कैफू

टोक्यो । जापान के पूर्व प्रधानमंत्री तोशिकी कैफू का जनवरी की शुरुआत में निधन हो गया। जापानी सार्वजनिक प्रसारक एनएचके ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। वह 91 वर्ष के थे। खाड़ी युद्ध संकट पर जापान की बहुत कम और काफी देर से प्रतिक्रिया देने की आलोचना के बाद कैफू प्रशासन ने 1991 में जापान के मेरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स माइंसवीपर्स को फारस की खाड़ी में भेजा था। एसडीएफ की स्थापना के बाद यह पहला विदेशी मिशन था। कैफू खासतौर पर जापान के आत्मरक्षा बल को पहले विदेशी मिशन पर भेजने के लिए जाने जाते थे। खाड़ी युद्ध के दौरान कैफू प्रशासन ने गठबंधन सेनाओं को 13 अरब डालर प्रदान किए। सूत्र के मुताबिक अगस्त 1989 से नवंबर 1991 तक जापान के प्रधानमंत्री रहे कैफू का रविवार को निधन हो गया। कैफू ने 1989 में देश के प्रधान मंत्री बनने से पहले कई कैबिनेट पदों पर कार्य किया। वह शोए युग में पैदा हुए जापान के पहले नेता थे। कैफू ने नवंबर 1991 में बड़े राजनीतिक सुधार विधेयकों के बाद इस्तीफा दे दिया था। इन विधेयकों में सिंगल-सीट जिलों की शुरूआत शामिल थी और संसद इसे मंजूरी देने में सफल नहीं रहा था। आपको बता दें कि तोशिकी कैफू ने जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ा था। उन्होंने अपनी स्वच्छ छवि से जनता का समर्थन प्राप्त किया और 1990 के चुनाव में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को जीत दिलाई। वह अगस्त 1989 में जापान के 76वें प्रधान मंत्री बने।

10 अगस्त 1991 को कैफू चीन की आधिकारिक यात्रा करने वाले प्रमुख देश जापान के पहले नेता बने। कैफू 4 जून 1989 की तियानमेन स्क्वायर घटना के बाद चीन के राजनयिक अलगाव को तोड़ने वाले भी फहले नेता बने। 1994 में कैफू लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़कर नई स्थापित न्यू फ्रंटियर पार्टी के प्रमुख बने। कैफू के बाद 1991 किची मियाजावा जापान के अगले प्रधानमंत्री बने थे।