पहली बार एक सीरीज में खेले जाएंगे दो पिंक बॉल टेस्ट

इंटरनेशनल टेस्ट क्रिकेट में पिंक बॉल से खेले जाने वाले डे-नाइट टेस्ट मैच का चलन साल 2015 में शुरू हुआ था और इसके बाद से अब तक कुल 17 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं। पिंक बॉल से 18वां टेस्ट मैच आज यानी शुक्रवार 14 जनवरी से शुरू हो रहा है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीम आमने-सामने होगी। ऑस्ट्रेलिया की टीम के लिए पिंक बॉल टेस्ट नई बात नहीं है। कंगारू टीम ने अब तक 9 डे-नाइट टेस्ट मैच खेले हैं और ये टीम के लिए दसवां पिंक बॉल टेस्ट होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पहली बार ऐसा होने जा रहा है, जब एक सीरीज में दो पिंक बॉल टेस्ट मैच खेले जाएंगे।  

जी हां, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की एशेज सीरीज का दूसरा मुकाबला पिंक बॉल से खेला गया था और अब आखिरी मैच होबार्ट में पिंक बॉल से खेला जाएगा। इस तरह एक टेस्ट सीरीज में दो डे-नाइट टेस्ट मैच होंगे। इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ है, जब एक टेस्ट सीरीज में एक से ज्यादा मुकाबला पिंक बॉल से खेला गया हो। हालांकि, अब एक नया इतिहास लिखा जाएगा और ये याद रखा जाएगा कि टेस्ट क्रिकेट के इस नए रूप को ज्यादा बढ़ावा मिले। पांच साल में 18 पिंक बॉल टेस्ट मैचों का आयोजन होना अपने आप में बड़ी बात है, क्योंकि 100 साल से भी ज्यादा पुराने इस प्रारूप को नया अवतार देने की कोशिश हुई है, जो काफी हद तक सफल मानी जा रही है। 

पिंक बॉल टेस्ट यानी डे-नाइट टेस्ट मैच की अगर कोई निर्विवाद रूप से चैंपियन टीम है तो वो ऑस्ट्रेलिया है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने अब तक खेले 9 मैचों में से सभी 9 मुकाबले जीते हैं। इसके बाद भारतीय टीम का नाम है, जिसने 3 में से 2 मैचों में जीत हासिल की है। इतने ही मैच श्रीलंका की टीम ने भी पिंक बॉल से जीते हैं। वहीं, इंग्लैंड की टीम इस प्रारूप में पिंक बॉल से 5 मैचों में सिर्फ एक मैच जीत सकी है। इसके अलावा बांग्लादेश, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे का पिंक बॉल से जीत का खाता अभी नहीं खुल पाया है। पहला डे-नाइट टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था।