लखीमपुर हिंसाः पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट, एक नाम बढ़ा

गृह राज्य मंत्री के बेटे पर हत्या का दर्ज है मुकदमा 

लखनऊ। लखीमपुर हिंसा मामले में एसआईटी ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। 5000 पन्नों की इस चार्जशीट में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू भइया को मुख्य आरोपी बनाया गया है। एसआईटी ने सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। आशीष मिश्रा समेत 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पिछले साल 3 अक्टूबर को आशीष मिश्रा के समर्थकों और किसानों के बीच संघर्ष के दौरान 8 लोगों की मौत हो गई थी। विवेचक ने आशीष मिश्रा समेत अन्य आरोपियों को हत्या का आरोपी बनाया है। चार्जशीट के मुताबिक, सोची समझी साजिश के तहत धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों को जीप और एसयूवी से कुचला गया था। लखीमपुर खीरी-तिकुनिया कांड मामला चार्जशीट में वीरेन्द्र शुक्ला का नाम बढ़ाया गया है। शुक्ला केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के है करीबी हैं। पहले 13 अभियुक्त थे अब हुए 14 हो गए। लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया क्षेत्र में पिछले वर्ष तीन अक्टूबर को हुई हिंसा की जांच कर रहे विशेष जांच दल यानि एसआईटी ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। तिकुनिया इलाके में तीन अक्टूबर को किसान आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में चार किसान और एक पत्रकार तथा प्रतिक्रिया स्वरूप दूसरे पक्ष के हमले में भारतीय जनता पार्टी के दो कार्यकर्ताओं और एक चालक की मौत हो गई थी।बीजेपी कार्यकर्ताओं की तरफ से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में एसआईटी ने शनिवार की शाम दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। एसआईटी अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार किये गये आरोपियों का नाम तिकुनिया कोतवाली सीमा अंतर्गत खैरतिया गांव निवासी कंवलजीत सिंह और पलिया कोतवाली क्षेत्र के बबौरा निवासी कमलजीत सिंह है।इसमें कहा गया है कि इन पर बीजेपी कार्यकर्ताओं शुभम बाजपेयी और श्याम सुंदर निषाद तथा एक चालक हरिओम की हत्या में शामिल होने का आरोप है। इसके अनुसार इस मामले में एसआईटी अब तक कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, इसके पहले चार अन्य विचित्र सिंह, गुरविंदर सिंह, रंजीत सिंह और अवतार सिंह को गिरफ्तार किया गया था जो जेल में निरुद्ध हैं। तिकुनिया हिंसा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ के पुत्र आशीष मिश्रा और उसके दर्जन भर साथियों के खिलाफ चार किसानों को थार जीप से कुचलकर मारने और उन पर फायरिंग करने जैसे कई गंभीर आरोप हैं। गृह राज्यमंत्री का पुत्र भी अपने साथियों समेत उपरोक्घ्त आरोपों में जेल में बंद हैं। आशीष मिश्रा और उसके साथियों के खिलाफ किसानों की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर हत्या, हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।