पत्थर और पानी

पत्थर और पानी की ,

अद्भुत प्यार भरी कहानी।

जीवन की आशा और,

निराशा की कहानी।

दुख में पत्थर सा यह जीवन,

सुख में बहता दरिया सा।

तेज धाराएं उसे तोड़ दें,

जीवन में वह रमता जाता।

पानी सा निर्मल है लगता,

पत्थर पत्थर जोड़ बनाएं,

एक  प्यारा सा घरौंदा।

प्यार को दिया सुंदर सा नाम,

ताजमहल प्रेम निशानी।

अद्भुत अमर उसकी कहानी,

क्या कहे पत्थरों की अद्भुत कहानीऋ

तराशे जाते दुख सह जाते,

सुंदर सा रूप धर जाते।

कहीं मंदिर में पूजे जाते,

कहीं प्रेम के भाव दर्शाते।

रहने को छांव है देते।

गंगाजल सा पानी होता,

इसके बिना जीवन कहांँ होता।

जल है तो जीवन है,

  इसके बिना अस्तित्व कहांँ है।

  प्रभु नाम का हो सहारा,

  पत्थर भी तर जाते हैं।

  जीवन है अनमोल बड़ा,

सब  इस को समझाते हैं।

पत्थर और पानी मिलकर ,

जीवन में कमाल दिखाते हैं।

इनके बिना जीवन कहांँ हैं।

राज तुम्हें बतलाते हैं।

            रचनाकार ✍️

             मधु अरोरा