सरस्वती विद्या मंदिर: तस्वीर और तकदीर बदल सकता है युवा

बांदा। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज शास्त्री नगर में स्वामी विवेकानंद जयंती को युवा दिवस के रूप में मनायी गयी। कार्यक्रम में सर्वप्रथम विद्यालय के प्रधानाचार्य अतुल कुमार वाजपेई व वरिष्ठ आचार्य मनोज दीक्षित के द्वारा मां सरस्वती के चित्र एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्पार्चन एवं माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से युवा शक्ति पर फोकस किया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवा देश की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली ताकत है। विद्यालय के हिंदी प्रवक्ता अजय कुमार अवस्थी ने स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यालय के श्याम किशोर दीक्षित ने बताया कि स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ। उनके पिता का नाम विश्वनाथदत्त, माता का नाम भुनेश्वरी देवी था। स्वामी रामकृष्ण परमहंस के सानिध्य में आकर उन्होंने संसार को भारतीय संस्कृति की महानता का परचम लहराया। पुस्तकालय प्रमुख विष्णुदत्त द्विवेदी ने उनके जीवन में घटित कई प्रसंगों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी आचार्य बंधु उपस्थित रहे।