सुरेंद्र कुमार भगत बने आईजी चित्रकूट रेंज

- के.सत्यनारायण संभालेंगे वाराणसी रेंज 

बांदा। चित्रकूट परिक्षेत्र के आईजी के. सत्यनारायण 17 माह 10 दिन की लंबी पारी खेल कर आउट हो गए। उन्हें इसी पद पर वाराणसी रेंज भेजा गया है और वाराणसी रेंज के आईजी सुरेंद्र कुमार भगत को चित्रकूट रेंज का चार्ज दिया गया है। अचानक हुए इस स्थानांतरण से आईजी द्वारा शहर में शुरू की गई यातायात व्यवस्था को झटका लगा है।

चित्रकूट रेंज के आईजी के सत्यनारायण ने 27 जुलाई 2020 को कार्यभार संभाला था और इसके बाद उन्होंने पूरे रेंज में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका अदा की। इसके साथ ही उन्होंने मंडल मुख्यालय बांदा में जगह जगह जाम की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए एक मुहिम शुरू की थी। इसके तहत उन्होंने प्रत्येक पुलिस चौकी के पास ई-रिक्शा का स्टैंड बनवा दिया और  इन रिक्शों की बाजार में इंट्री बंद करा दी थी। लगभग 15 दिन पहले शुरू की गई इस मुहिम से लोगों को जाम की समस्या से निजात मिल गई थी। अब कहीं भी जाम नहीं लग रहा था।

इतना ही नहीं इस समस्या को खत्म करने के लिए उन्होंने स्वयं कमान संभाल रखी थी। बुधवार को कचहरी के पास अशोक लाट के आसपास जाम लगने की समस्या देखी और खुद इसकी निगरानी की। इसमें एक ट्राफिक सिपाही और कोतवाली के पुलिसकर्मी की लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए थे। आई जी की इस मुहिम को देखते हुए लग रहा था अब शहर के लोगों को इस समस्या से निजात मिल जाएगी लेकिन ऐन मौके पर उनका स्थानांतरण हो जाने से इस मुहिम को झटका लग सकता है। 

यहां बताते चलें कि वाराणसी रेंज के आईजी बने चित्रकूट धाम रेंज के आईजी आईपीएस सुरेंद्र कुमार भगत 1998 बैच के आईपीएस अफसर एसके भगत को प्राइम कंट्रोलर के रूप में जाना जाता है आईपीएस एस के भगत मूल रूप से झारखंड के धनबाद के रहने वाले हैं। उन्होंने ट्रेनिंग एसपी के पद पर बनारस से ही की थी। कैरियर की शुरुआत की थी जिसके बाद वह करीब 18 जनपदों के कप्तान भी रह चुके हैं इसके साथ-साथ एसटीएफ और सीबीआई में भी तैनात रह चुके हैं 2014 में डीआईजी रेंज वाराणसी के पद पर कार्य कर चुके इसके अलावा सुरेंद्र कुमार भगत डीआईजी सीबीआई के तौर पर भोपाल और रांची में भी सेवा दे चुके यूपी पुलिस के स्पेशल टास्क पुलिस फोर्स का किक का पद संभालते हुए उन्होंने कई बड़े के साल्व किए हैं इन्हें राष्ट्रपति से वीरता पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है।