फिर लौट आए वो दहशत वाले दिन!!!

कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बड़ा उछाल - कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन गंभीरता से करना ज़रूरी 

ओमिक्रान वेरिएंट को हल्के में न लेकर शासकीय स्तर पर उठाए गए सख़्त कदमों में जनभागीदारी होना ज़रूरी - एड किशन भावनानी 

गोंदिया - वैश्विक रूप से बड़ी शिद्दत के साथ सारे देशों ने नए वर्ष 2022 का जोरदार ढंग से स्वागत कर उम्मीद जताई थी कि नया वर्ष हमारे लिए कोविड मुक्त वातावरण का तोहफा देगा। लेकिन यह क्या ? फ़िर लौट आए वो दहशत वाले दिन!!! पर हमें अब घबराने की  नहीं। साथियों बात अगर हम अमेरिका, ब्रिटेन सहित कुछ देशों के आज के हालात में आए मरीजों के आंकड़ों की करे तो दिल कांप उठता है और दहशत का माहौल उत्पन्न हो जाता है इतने भारी तादाद में आंकड़े रोज़ आ रहे हैं, जिन्हें प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में रोज़ अपडेट दिए जा रहे हैं जिसका संज्ञान लेकर हर नागरिक को कोविड उपयुक्त व्यवहार का गंभीरता से पालन करना अनिवार्य बन गया है। 

साथियों बात अगर हम डब्ल्यूएचओ की करें तो दिनांक 6 ज़नवरी 2022 को गंभीरता से महानिदेशक ने आगाह कर एक प्रेस वार्ता में कहा कि कोरोना वायरस का नया वैरिएंट ओमिक्रोन, इससे पहले के वैरिएंट डेल्टा के मुकाबले भले ही कम गंभीर प्रतीत हो रहा हो, लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि इसे हल्के में लिया जाए। द‍ुनियाभर में बड़ी संख्‍या में लोग तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं और अस्‍पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्‍या भी बढ़ रही है। यहां तक कि लोगों की जान भी जा रही है। 

साथियों बात अगर हम देश के विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों में विभिन्न एसओपी और सख़्त गाइडलाइंस की करें तो दिल्ली में वीकेंड लॉकडाउन शुरू हो गया है तथा अन्य अनेक राज्यों में रात्रि कर्फ्यू शुरू हो गया है। अपने अपने स्तर पर एसओपी और गाइडलाइन बनाई जा रही है जिसे तीव्रता से बढ़ रहे कोविड और ओमिक्रान के केसों को तेजी से कम किया जा सके इसलिए हम नागरिकों का भी कर्तव्य बन जाता है कि शासन द्वारा उठाए गए सख्त कदमों का हम सख़्ती व गंभीरता से पालन कर अपनी समझदारी व जिम्मेदारी का परिचय दें। 

साथियों बात अगर हम पीएम द्वारा दिनांक 7 जनवरी 2022 को कोलकाता के वर्चुअल उद्घाटन समारोह की करें तो उन्होंने कहा कि, कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमारा यह वैक्सीनेशन उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना खतरनाक यह भेष बदलने वाला कोरोना वायरस है। आज दुनिया कोरोना के नए ओमीक्रोन वेरिएंट का सामना कर रही है। हमारे देश में भी मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 

साथियों बात अगर हम अंतरराष्ट्रीय आगमन की करें तो संशोधित दिशा-निर्देश पीआईबी के अनुसार 11 जनवरी 2022 से लागू होंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड -19 वायरस की बदलती प्रकृति और सार्स-कोव-2 के चिंताजनक वेरिएंट (वीओसी) यानी ओमिक्रॉन वेरिएंट के उभार को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय आगमन के लिए दिशा-निर्देशों में 6 जनवरी 2022 को संशोधन किया है और दुनिया भर में इसके मामले में बढ़ोतरी की सूचना दी है। ये नए दिशा-निर्देश 11 जनवरी 2022 से प्रभावी होंगे।सभी यात्री 7 दिनों के लिए घर में पृथकवास में रहेंगे और भारत में आगमन के 8 वें दिन आरटी-पीसीआर परीक्षण कराएंगे। 

साथियों बात अगर हम प्रतिबंधों या लॉकडॉउन की स्थिति में सामानों और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की रणनीतिक रोडमैप की करें तो वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की पीआईबी के अनुसार, देश भर में कोविड मामलों में वृद्धि को देखते हुए उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने कोविड मामलों के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न राज्य सरकारों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा उठाए गए कदमों का संज्ञान लिया है। इसलिए एहतियात के तौर पर हमारे व्यापार इको-सिस्टम का समर्थन करने के लिए डीपीआईआईटी विभिन्न राज्य सरकारों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों (यदि कोई हो) के कारण माल और आवश्यक वस्तुओं के परिवहन और वितरण के दौरान उत्पन्न होने वाली स्थिति और मुद्दों (यदि कोई हो) की निगरानी करेगा।निर्माण, परिवहन, वितरण, थोक या ई-कॉमर्स कंपनियों को माल के परिवहन और वितरण या संसाधनों को जुटाने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना करना पड़े तो इसकी सूचना इस विभाग को टेलीफोन नंबर/ईमेल पर दी जा सकती है। 


साथियों बात अगर हम स्वास्थ्य सहित अनेक विभागों की करें तो किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां और रणनीतिक रोडमैप बनाए गए हैं क्योंकि बीते दिनों में आई तकलीफों से हमने सीख कर नए ज़ज्बे और सावधानी, गंभीरता से तैयारियां की है जिसकी जानकारी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में समय-समय पर आती रही है। बस आज मुख्य बात यह है कि अब ज़रूरत है, नागरिकों की इन सभी तैयारियों, सख्त कदमों में शासन प्रशासन का साथ देकर उनमें जनभागीदारी करना होगा ताकि हम फ़िर मिलकर इस कोविड, ओमिक्रान महामारी को दूर भगा सके और असंभव को संभव करने के लिए कुछ भी कर गुज़रने का हौसला धारें।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि फ़िर लौट आए वो दहशत वाले दिन!!! कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बड़ा उछाल आया है, कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन गंभीरता से हर नागरिक को करना तात्कालिक ज़रूरी है तथा ओमिक्रान वेरिएंट को हल्के में न ले कर शासकीय स्तर पर उठाए गए सख़्त कदमों में जनभागीदारी होना ज़रूरी है।

-संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र