जेपी नड्डा ने सपा पर साधा निशाना, बोले- ये समाज को बांटने का काम करते हैं

बस्ती। भाजपा का जनविश्वास यात्रा का समापन सोमवार को बस्ती में हुआ। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम ने लोगों को जोड़ा हैं उन्होंने लोगों को बांटा। उन्होंने हमें धर्म के नाम पर बांटा। जिन्होंने देश का विभाजन किया उनके नाम को लेकर आज भी समाज को बांटने पर जुड़े हैं, यह है अखिलेश यादव की सरकार और उनके लोग।उन्होंने आगे कहा कि क्या अखिलेश जी ऐसी जन विश्वास यात्रा निकालने की हिम्मत कर सकते हैं? क्या बहन मायावती जी कभी हिम्मत कर सकती हैं ? यह भारतीय जनता पार्टी और अन्य पार्टियों के संस्कृति का अंतर है। सब खोखले हैं, ऊपर से नीचे तक ढन-ढन बोल रहे हैं, अपने ही नेता अपनी ही ताली अपनी ही कव्वाली कोई पूछने वाला नहीं है। इन्होंने परिवार का स्वार्थ सिद्ध किया और झूठे वादे किये लेकिन हमने सबका ख्याल रखा और सबको बढ़ाया। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव में हम अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर जा रहे हैं। हमारे पास सुशासन है, विपक्षियों के पास कुशासन है। हम कहते हैं गुड गवर्नेंस, वो कहते हैं बैड गवर्नेंस। उत्तर प्रदेश में अब फर्क साफ दिखता है। अब योजनाओं का पैसा सीधे लोगों के बैंक खाते में जाता है। अखिलेश जी के समय में पैसा सीधा उनके ही खाने के लिए जाता था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के आने के बाद जो वोट बैंक की राजनीति करते थे, उनकी आज कल हालत खराब है। चाहे परिवारवाद हो, जातिवाद हो, क्षेत्रवाद हो, वंशवाद हो या तुष्टिकरण हो अब कुछ नहीं चलेगा। अब चलेगा तो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास चलेगा। आज अकेली भारतीय जनता पार्टी है जिसके पास नेता हैं, नीति है, नियत है, आप जैसे कार्यकर्ता हैं, कार्यक्रम है, विकास की योजना है, जो सबको साथ लेकर चलने की ताकत है, किसी और पार्टी के पास नही है। आप ही हैं न अखिलेश जी जिनका मंत्री खनन माफिया में संलिप्त होकर आज भी जेल में है, ये है आपका रिपोर्ट कार्ड। आपका रिपोर्ट है गोमती रिवर फ्रंट पर 1600 करोड़ रुपये का घोटाला। हम एक वैचारिक पार्टी हैं। सत्ता में बैठने नहीं आए हैं विचारों को इम्प्लीमेंट करने आए हैं। कहा कि समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर गोली चलाई थी कि नहीं ? रामभक्तों को हर तरह से प्रताड़ना दी थी कि नहीं ? आजकल अखिलेश घंटी बजा रहे हैं मंदिर में। जिन लोगों ने कभी आचमन करना नहीं सीखा आजकल वो चंदन लगा कर भाषण दे रहे हैं। याद रखो 25 सितंबर 2015 को गंगा के घाट पर संतो पर लाठी चलाने का काम अखिलेश की सरकार ने किया था। अखिलेश जी ने 15 आतंकियों को बचाने के लिए उनके मुकदमे वापस लिए थे। लेकिन कोर्ट ने इसकी इजाजत नहीं दी। बाद में उनमें से चार को सजा ए मौत और बाकी को आजीवन कारावास हुआ। क्या आतंकियों को बचाने वाली ऐसी सरकार आपको चाहिए। आगे कहा कि योगी सरकार ने 1.40 लाख करोड़ रुपये गन्ना किसानों को भुगतान किया है। 11 हजार करोड़ रुपये पिछली अखिलेश की सरकार का बकया भुगतान किया है। उन्होंने आगे कहा कि तेलंगाना भाजपा प्रमुख बंदी संजय की गिरफ्तारी अत्यंत निंदनीय है और लोकतंत्र की हत्या के समान है। वह अपने कार्यालय में सभी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस जबरन उनके कार्यालय में घुसी और उनको गिरफ्तार किया। जिस तरह से भाजपा की तेलंगाना के उपचुनावों में जीत हुई है उससे के. सी. आर सरकार बौखला गए हैं और अब वह प्रजातंत्र का गला घोंटने और प्रजातंत्र की आवोजों को दबाने के लिए आ गए हैं। भाजपा शिक्षकों की लड़ाई लड़ेगी और सच की जीत होगी।