टिकट के लिए किसी को राहुल से आस, कोई प्रियंका के भरोसे

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के दमखम के दावे की परख तो 10 मार्च को वोटों की गिनती के दौरान होगी। राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी के ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ के नारे के सहारे चुनाव में सरकार बनने का दावा कर रहे कांग्रेसी दावेदार भी अपने पक्ष में लंबा चौड़ा दावा कर रहे हैं। इसमें किसी को राहुल गांधी से आस है तो कोई प्रियंका के भरोसे है। भाजपा सपा की तरह कांग्रेस ने भी अभी प्रत्याशियों के लिए पत्ते नहीं खोले हैं फिर भी मुरादाबाद जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों से टिकट मांगने वाले दावेदार खुद के पक्ष में दावा करते फिर रहे हैं। शहर व आसपास के कई जिलों के प्रत्याशी राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम का नाम लेकर टिकट को लेकर आश्वस्त दिख रहे हैं, जबकि कुछ ऐसे भी हैं जो प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के खेमे में रहने वालों से मिले सिग्नल को टिकट पाने का आधार मान बैठे हैं। इन प्रत्याशियों में पार्टी के कई वर्तमान व पूर्व पदाधिकारी भी हैं तो कई सांसद, विधायक तथा महापौर के प्रत्याशी रहे नेता भी टिकट की हरी झंडी के इंतजार में टकटकी लगाए बैठे हैं। वे अपने को टिकट मिला मानकर क्षेत्र में सीना चौड़ा कर घूम भी रहे हैं। बात करें शहर विधान सभा की तो नगर निगम चुनाव में महापौर पद के प्रत्याशी रहे कांग्रेस के एक नेता का नाम सोशल मीडिया पर भी मंगलवार को चर्चाओं में रहा। लेकिन जिलाध्यक्ष ने इसे पूरी तरह फर्जी बताकर सिरे से खारिज कर दिया। टिकट वितरण में टीम प्रियंका के जमीनी हकीकत परखे जाने के फीडबैक को भी एक आधार माना जा रहा है। टिकट वितरण के लिए स्क्रीनिंग कमेटी के सामने साक्षात्कार वाले दिन टिकट के एक दावेदार ने हरियाणा के राज्यसभा सांसद दिपेंद्र सिह हुड्डा, राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम को हाथ के पंजे के प्रतीक वाला उपहार देकर लुभाने की कोशिश की थी। कई और ने भी अपने कद और हैसियत के हिसाब से उपहार थमाए। दो दिसंबर को नगर में प्रियंका की जनसभा के दिन भी कुछ दावेदारों ने मंच पर प्रियंका को उपहार देकर अपने करीबी होने का अहसास कराने की पुरजोर कोशिश की थी। लेकिन, इन उपहारों का असर टिकट वितरण में पड़ता है या नहीं, यह तो चंद दिनों में साफ ही हो जाएगा। उपहार देने वालों में पूर्व प्रत्याशियों के साथ पूर्व जिलाध्यक्ष आदि भी शामिल रहे थे।