आयुष्मान योजना के जिला समन्वयक समेत चार कोरोना पॉजिटिव मिलने से स्वास्थ्य विभाग की उड़ी नींद

मुरादाबाद। जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग में ही चार पाजिटिव निकले। जिसमें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के जिला समन्वयक, सीएमओ कार्यालय में लिपिक और जिला अस्पताल में दो स्टाफ पाजिटिव मिले हैं। इससे दूसरे चिकित्साधिकारी और स्टाफ एहतियात बरत रहे हैं। इनके संपर्क में रहे लोगों की भी जांच होगी। अब तक मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में ही तीन संक्रमित मिल चुके हैं। वहीं गुरुवार को जिले में कोरोना पाजिटिव निकले 122 मरीजों के संपर्क में आए लोगों की जांच के लिए टीमों को भागदौड़ करनी पड़ी। शहर में केवल आठ रैपिड रिस्पांस टीमें होने से जांच में भी विलंब हो रहा है। इससे कोरोना संक्रमित लोगों के संपर्क में रहे लोगों को भी मुख्य चिकित्साधिकारी ने एहतियात बरतने की सलाह दी है। जिला सर्विलांस अधिकारी डाँ प्रवीन श्रीवास्तव का कहना है कि कोरोना जांच में तेजी लाने के लिए टीमों की संख्या बढ़ाई जाएगी। यूं तो जिला अस्पताल में ओपीडी में आने वाले मरीजों और तीमारदारों की कोविड जांच नहीं की जा रही है। केवल वार्ड में भर्ती मरीजों की ही जांच बीमारी के लक्षण के आधार पर किया जा रहा है। लेकिन जांच के लिए केवल एकमात्र महिला लैब तकनीशियन को लगाया गया है जो कभी पहली तो कभी दूसरी तीसरी मंजिल पर दौड़ लगाकर जांच कर रही हैं। ऐसे में जांच के लिए आइसोलेशन वार्ड में जिन्हें भेजा जा रहा है, उन्हें डेढ़ दो घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। इससे पहले से बीमार मरीजों को खड़े रहने से और असुविधा हो रही है। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाँ राजेंद्र कुमार का कहना है कि लैब तकनीशियन की सीमित संख्या है। अधिकतर एलटी पैथोलॉजी और ट्रूनेट लैब में जांच के लिए तैनात किये गए हैं। जिससे मरीजों के रक्त व अन्य नमूनों की जांच हो सके।