कजाकिस्तान में ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर हो रहे प्रदर्शनों ने लिया हिंसक रूप, दर्जनों लोगों की मौत, 8 पुलिसकर्मी भी मारे गए

अल्माटी। कजाकिस्तान में ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर हो रहे प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। कई इलाकों में जारी प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसा में दर्जनों प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। इसके अलावा आठ पुलिसकर्मी भी मारे गए हैं। आंतरिक मंत्रालय के हवाले से बताया कि कजाकिस्तान के कई क्षेत्रों में प्रदर्शन के दौरान आठ पुलिस और राष्ट्रीय रक्षक सैनिक मारे गए हैं और 317 घायल हुए हैं। 

इसके अलावा कजाकिस्तान के सबसे बड़े शहर में प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को राष्ट्रपति निवास और मेयर कार्यालय पर धावा बोल दिया और दोनों में आग लगा दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां भी चलाई हैं। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पानी की बौछारें की जा रही हैं और आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। बता दें कि सरकार की ओर से साल की शुरुआत में एलपीजी पर मूल्यों से नियंत्रण हटाने के बाद विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

वहीं, ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण कजाकिस्तान में सरकार गिर गई है। कजाकिस्तान के पीएम को इस्तीफा देना पड़ा है। राष्ट्रपति कसीम जोमार्ट तोकायेव ने प्रधानमंत्री का इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है। अलीखान समाईलोव को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। वहीं, बढ़ते विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए देश में 5 जनवरी से 19 जनवरी तक इमरजेंसी लगा दी गई है। राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान सरकार के सदस्य अपना काम करते रहेंगे।