एजीआर बकाए के इक्विटी में बदलने के बाद सरकार के पास होगा वोडाफोन आइडिया का 35.8% हिस्सा

नई दिल्ली : वोडाफोन आइडिया ने जानकारी दी है कि बोर्ड ने बैठक में स्पेक्ट्रम नीलामी की किस्तों और एजीआर बकाया से संबंधित ब्याज की पूरी राशि को इक्विटी में बदलने को मंजूरी दे दी है। इस कारण प्रमोटर सहित कंपनी के सभी मौजूदा शेयरधारकों को अपनी हिस्सेदारी कम करनी होगी। कन्वर्जन के बाद , भारत सरकार के पास कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयरों का लगभग 35.8% हिस्सा होगा जबकि वोडाफोन समूह के पास लगभग 28.5% और आदित्य बिड़ला समूह के पास लगभग 17.8% होंगे। आज के शुरुआती सौदों में वोडाफोन आइडिया के शेयर बीएसई पर 13% से गिरकर 12.95 पर कारोबार कर रहे थे।

10 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से सरकार को जारी होंगे शेयर 

बया में कहा गया है, " ब्याज का शुद्ध वर्तमान मूल्य (एनपीवी) कंपनी के अनुमान के अनुसार लगभग ₹ 16,000 करोड़ होने की उम्मीद है, यह डीओटी की पुष्टि के अधीन है। 14.08.2021 पर कंपनी के शेयरों की औसत कीमत पार वैल्यू से नीचे थी, इस कारण सरकार को इक्विटी शेयर ₹10 प्रति शेयर के बराबर मूल्य पर जारी किए जाएंगे, जो दूरसंचार विभाग द्वारा अंतिम पुष्टि के आधार पार होगा।"

दूरसंचार विभाग ने दिए रास्ते

दूरसंचार विभाग (DoT) ने दूरसंचार सुधार पैकेज के संबंध में कंपनी को कई विकल्प प्रदान किए थे, जिसके बाद अक्टूबर में वोडाफोन आइडिया के बोर्ड ने स्पेक्ट्रम नीलामी की किस्तों और AGR बकाया के भुगतान को 4 साल के लिए स्थगित करने की मंजूरी दे दी थी। तेजी से ग्राहकों को खो रही वोडाफोन आइडिया के लिए यह योजना महत्वपूर्ण थी, खासकर रिलायंस जियो के 2016 में मार्केट में आने  के बाद।

एयरटेल ने लाभ लेने से किया है इंकार 

पिछले साल सितंबर में डीओटी ने घोषित रिफार्म में कहा था कि अर्जित ब्याज का इक्विटी में रूपांतरण कंपनी अधिनियम की धारा 62 (4) को लागू करके किया जा सकता है, और रूपांतरण पूरा होने तक राशि को ऋण के रूप में माना जाएगा। इस महीने की शुरुआत में, दूरसंचार प्रमुख भारती एयरटेल ने सूचित किया था कि वह सुधार पैकेज के तहत स्पेक्ट्रम और एजीआर बकाया पर ब्याज को इक्विटी में बदलने के विकल्प का लाभ नहीं उठाएगी।