आवासीय घरो की बिक्री पर नहीं दिखा कोरोना का असर, 2021 में आवासीय घरों की बिक्री में 51 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी

नई दिल्ली : आवासीय घरो की बिक्री पर कोरोना अपना असर नहीं दिखा पाया है। नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 2021 रेंजिडेंशियल सेक्टर के लिए शानदार रहा है। साल दर साल इस सेक्टर में बिक्री में 51 फीसदी की बढ़ोतरी आई है। देश के टॉप 8 शहरों में 232,903 मकानों की बिक्री हुई। 2021 में 232,382 अतिरिक्त नए घरों की लॉन्चिंग हुई। इस क्षेत्र में भी साल-दर साल 58 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी रही है। कॉमर्शियल ऑफिसों की श्रेणी के लिए यह साल मिला-जुला रहा। साल भर में 38.1 मिलियन वर्ग फीट (एमएसएफ) की जगह कॉमर्शियल ऑफिस के लिए लीज पर दिया गया। हालांकि यह 2020 के जैसा ही है। साल की दूसरी छमाही में 68% प्रॉपर्टी लीज पर दी गई। 

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से दिसंबर 2021 में 8 प्रमुख आठ भारतीय शहरों में 133,487 हाउसिंग यूनिट्स की बिक्री की गई। इस क्षेत्र में साल-दर साल 41 फीसदी की स्थिर बढ़ोतरी दर्ज की गई।  2021 में चौथी तिमाही में करीब 69,477 घरों की बिक्री हुई। इस अवधि के दौरान घरों की कीमतें या तो स्थिर रहीं या उसमें मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2021 की दूसरी छमाही में घरों की कुल बिक्री में से 50 लाख रुपए से ज्यादा की कीमत के करीब 58 फीसदी घरों की बिक्री हुई।  

2021 की दूसरी छमाही में मुंबई (34,382) , दिल्ली एनसीआर (23,599) और बेंगलुरु (23,218) ने आवासीय घरों की बिक्री में शानदार प्रदर्शन किया। 2021 की दूसरी छमाही में हैदराबाद और बेंगलुरु में (प्रतिशत में बढ़ोतरी के मामले) में सबसे ज्यादा घरों की बिक्री का आंकड़ा साल-दर साल 135% और 104% पर रहा। कैलेंडर वर्ष 2021 में मुंबई में 62,989 , बेंगलुरु में 38,030 और पुणे में 37,218 घरों की बिक्री के साथ टॉप पर रहे।

अगर छमाही में हुई बिक्री की बात की जाए तो 2021 की दूसरी तिमाही में 2016 से लेकर अब तक सबसे ज्यादा बिक्री हुई। कम ब्याज दरों, उपभोक्ताओं की खर्च करने की क्षमता में सुधार और महामारी के प्रकोप के बाद हुए लॉकडाउन के चलते घर में जगह की कमी के कारण बिक्री में उछाल आया। डिवेपलर्स ने 2021 की दूसरी छमाही में करीब 0.13 मिलियन यूनिट लॉन्च की। 2020 की दूसरी छमाही से यह आंकड़ा 50 फीसदी ज्यादा है। 2021 की दूसरी छमाही में सीधी छूट के मामलों में स्थिर रूप से कमी आई।

स्टांप ड्यूटी में कटौती की विंडो के मार्च 2021 में बंद हो जाने के बावजूद 2021 की दूसरी छमाही में मुंबई और पुणे में 41 फीसदी घरों की बिक्री की गई। महामारी के कारण सामान्य जीवन शैली में आई रुकावट के बावजूद आईटी में घर के खरीदारों पर काफी कम प्रभाव पड़ा। वह 2021 में घर खरीदने के लिए काफी बेहतर स्थिति में दिखे। 50 लाख से ज्यादा कीमत के घरों की बिक्री के मामले में 2020 की तुलना में गिरावट आई। 2020 की दूसरी छमाही में प्रतिशत के हिसाब से 43 फीसदी घरों की बिक्री हुई थी, जो 2021 की दूसरी छमाही में गिरकर 42 फीसदी हो गई।