परमात्मा ने अति दया कर मानव तन दिया: पंकज महाराज

मनिहारी (गाजीपुर): स्थानीय विकासखंड क्षेत्र के चौरा में मंगलवार को 80 दिवसीय 6 प्रांतीय शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध आध्यात्मिक वैचारिक जनजागरण यात्रा पहुंची। यात्रा लेकर आए जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज महाराज ने सत्संग में कहा कि परमात्मा ने अति दया करके आपको यह मानव तन दे दिया। पैदा होने से पहले आपने वादा किया था कि अबकी बार मानव शरीर पाने पर हम आपकी भक्ति करेंगे, भजन करेंगे लेकिन यहां आकर अपना वादा भूल गए। याद रखें परमात्मा ने बड़ी दया करके यह मानव तन आत्मकल्याण के लिए दिया है। उन्होंने कहा प्रभु महात्माओं, संतों, फकीरों को अपने देश से लोगों को समझाने, चेताने के लिये भेजते हैं।उन्होंने सत्संगियों का आह्वान किया कि अपने बच्चों को मथुरा दरबार से जोड़ दें, ताकि गुरु परंपरा कायम रहे और आत्म कल्याण भी हो। उन्होंने जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में आगामी 18 से 20 मार्च 2022 तक आयोजित होने वाले होली सत्संग में आने का निमंत्रण भी दिया।

जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के अध्यक्ष पंकज महाराज ने कहा कि हमारे गुरु महाराज बाबा जयगुरुदेवजी ने लोगों को प्रभु की भजन भक्ति में लगाने व अच्छे समाज के निर्माण के लिए अपने जीवन काल में अथक परिश्रम किया। अपनी आध्यात्मिक शक्ति का सहारा देकर करोड़ों लोगों को इससे जोड़ा। हम मानवता और आध्यात्मिक शक्ति के जागरण से सबको जीवन का सत्य सिखाकर ईश्वर की तरफ मोड़ने के प्रमुख लक्ष्य को लेकर निकले हैं।प्रेम और स्वेच्छा से दिल बदलेंगे। हम चाहते हैं वेष कीमती मनुष्य शरीर को पाने के महत्व को लोग समझें और गृहस्थ आश्रम के कार्यों को करते हुए थोड़ा सा समय निकाल कर भगवान का भजन भी करें। उन्होंने कहा कि आत्मा की सभी शक्तियां शरीर के नौ दरवाजों में फैली है। उसे केंद्रित करके दसवें द्वार (भृकुटी बिलास) में लाएंगे तो गुरु की कृपा से आत्मा की शक्ति का बोध हो जाएगा। उन्होंने गुरु की महिमा बताते हुए कहा कि गुरु के बराबर कोई नहीं। यहां तक कि सतनाम अनामी भी गुरु के आगे कुछ नहीं। जयगुरुदेव नाम की महिमा सुनाई। इस अवसर पर जंगीपुर के विधायक डा.वीरेन्द्र यादव, उ.प्र.संगत के अध्यक्ष संतराम चौधरी, बिहार प्रान्त अध्यक्ष मृत्युंजय झा, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजय पाल सिंह, मध्य प्रदेश के महासचिव बी.बी.दोहरे,जयगुरुदेव संगत गाजीपुर के संरक्षक रामलक्षण यादव,अध्यक्ष इन्द्रदेव यादव,प्रभाचन्द यादव,जंगबहादुर, प्रेमचंद,अमरदेव,पटेल पाल,रामायण, परमानन्द गौड़, संतोष यादव प्रधान, नरेन्द्र चौहान,अंगद पाल, बाबूराम यादव,विनय कुमार सिंह,डा.कुंवर बृजेश,सतीश उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।