छोड़ दो नफरत करना

सिर्फ इसलिए कि कुछ बाघ 

नरभक्षी निकल जाते हैं,

तो क्या दुनिया से उनका वजूद 

मिटा दिया जाना चाहिए?

कुछ बंदर फसलों को

नुकसान पहुंचाते हैं,

तो क्या सभी बंदरों को

मार दिया जाना चाहिए?

कुछ सांप इंसान की

जान ले लेते हैं,

तो इस धरती से सबका

खात्मा कर दिया जाना चाहिए?

क्या और कोई विकल्प नहीं है?

अगर नहीं है कोई विकल्प

तो बेशक मार दिया जाना चाहिए

उस समुदाय के हर एक इंसान को

जिसमें पैदा हुआ

एक भी चोर उचक्का, ठग, डाकू,

हत्यारा, बलात्कारी, आतंकवादी,

नक्सलवादी, देशद्रोही,

और अगर कोई विकल्प है

तो छोड़ दो कुछ लोगों के 

कृत्यों के आधार पर

समूचे समुदायों से ही नफरत करना,

और कोशिश करो कि

इलाज बीमारी का हो केवल,

बीमार को ही मार देना

हल नहीं हो सकता

किसी भी बीमारी को ठीक करने का।


                             जितेन्द्र 'कबीर'