मंडी समिति कर्नलगंज में करोड़ों के घोटाले का हैरत अंगेज कारनामा

कर्नलगंज/गोंडा। उत्तरप्रदेश में जहां एक तरफ योगी सरकार भ्रष्टाचार पर नियंत्रण कर प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के आये दिन दावे कर रही है नकेल कसने में जुटी हुई है वहीं उनके अधीनस्थ जिम्मेदार पदों पर आसीन अधिकारी एवं कर्मचारी मलाई काटने से बाज आने को तैयार नहीं हैं जिनके कारनामे सरकार की निरंकुश कार्यप्रणाली  को उजागर करते हुए सरकार के दावे की पोल खोल रहे हैं। उदाहरण के तौर पर तहसील मुख्यालय कर्नलगंज स्थित मण्डी समिति के कर्मचारियों द्वारा किये गये बड़े घोटाले को देखा जा सकता है,जिससे यह स्पष्ट लग रहा है कि इन भ्रष्टाचार में जकड़े बेखौफ घोटालेबाजों को शायद योगी के डन्डे का भी डर नहीं रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार मण्डी समिति कर्नलगंज के तत्कालीन सचिव तथा उनके मातहत कर्मचारियों की मिलीभगत से विभाग को करोड़ों रुपये का बड़ा नुकसान पहुंचा है। वहीं इस गोलमाल घोटाले का खुलासा तब हुआ जब विभागीय ऑडिट शुरू हुई वहीं आडिट में यह बड़ा घोटाला प्रकाश में आया तो यहाँ के जिम्मेदारों की शातिराना चाल देखकर जांच अधिकारी भी आश्चर्य चकित रह गये। जिसमें उपनिदेशक प्रशासन राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ज्योति यादव ने मामले को गंभीरतापूर्वक लिया और मण्डी समिति में तैनात घोटालेबाज अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विभाग को पहुंचाये गये नुकसान की भरपाई हेतु 15 दिसंबर 2021 तक डेडलाइन दी गई है।