भंडारा के दूसरे दिन लंगर छकने के लिए श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

- स्वामी अवधूत महाराज सभी श्रद्धालुओं को दिए दर्शन

बबेरू/बांदा। भंडारा एवं मेला के दूसरें दिन श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा । प्रसाद ग्रहण कर मेला प्रदर्शनी व नाटक का आनंद उठाते रहे। आस पास क्षेत्रों के अलावा दूसरे प्रांतों के श्रद्धालुओं ने मौनी बाबा की समाधि के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। बजरंगी बली एवं अवधूत महाराज के जयकारो से मौनी बाबा धाम भक्ति में सराबोर रही।

बबेरू क्षेत्र के ग्राम सिमौनी पर मौनी बाबा धाम के पौराणिक मेला महोत्सव एवं विशाल भंडारें के दूसरे दिन गुरूवार को सुबह 7 बजे साधु संतों को भोजन प्रसाद ग्रहण करा कर श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराने का सिलसिला शुरू हुआ। आसपास गांवों के श्रद्धालुओं का सुबह से आने जाने का सिलसिला लगातार बना रहा। वही दूसरें प्रांत मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा के हजारों श्रद्धालु भक्तों ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। 

श्रद्धालु भक्तों ने स्वामी अवधूत महाराज एवं बजरंग बली का जयकारा लगाते रहे। श्रद्धालु भक्तों के लिए 4 दर्जन कडाहों में पूडी, सब्जी का प्रसाद बनाने में श्रमदानी सेवक जुटे रहे। वही दिल्ली, आगरा, उज्जैन के कारीगर मालपुआ जलेबी बनाने में लगे रहे। मेला की व्यवस्था को स्वामी जी के भक्त दिल्ली के श्रमदानी सेवक घूम घूम कर देखते रहे। पुरूषों व महिलाओं के प्रवेश द्वार में सुबह से लेकर देर शाम तक कतारे लगी रही।

 महिलाएं पूडी बनाने का श्रमदान करती रही और उसके बाद पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण कर मेला प्रदर्शनी का आनन्द प्राप्त करती रही। महिलाओं के लिए अराक्षित पांच काउण्टर एवं पुरूषों के लिए बने पांच काउण्टर प्रसाद ग्रहण करने वाले श्रद्वालुओं से खाली नही हो पाते थे कि फौरन सभी काउण्टर श्रद्वालुओं से भर जाते थे। प्रसाद ग्रहण कराने वाले श्रमदानी सेवक सरपट दौड लगा कर श्रद्वालुओ को प्रसाद वितरण करते रहे।

 उधर सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद अधिकारी कर्मचारी एवं श्रमदानी सेवको को भी एक काउण्टर पर अलग से प्रसाद ग्रहण कराने का सिलसिला जारी रहा। अपार भीड में श्रद्धालु एक दूसरें को धक्का मुक्की कर प्रसाद पंडाल में पहुंचने के लिए कसरत करते रहे। सुबह से लेकर देर रात तक ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराया गया है।