प्रॉपर्टी के लालच के चलते भतीजी ने चाची और 15 साल के भाई को जलाया जिंदा

पटना : भतीजी (जेठानी की बेटी) ने अपने बेटों और बेटी के साथ मिलकर 70 वर्षीया महिला शांति देवी और उनके 15 साल के दत्तक पुत्र अविनाश कुमार को करोड़ों की जमीन की खातिर जिंदा जला दिया। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। चाची और भाई को केरोसिन छिड़क कर जिंदा जलाने वाली यह दर्दनाक घटना गुरुवार की अहले सुबह पटना के नौबतपुर थाना इलाके के कर्णपुरा गांव में हुई।

इस घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गये और आरोपित महिला व मृतका की भतीजी माधुरी देवी (60) व उसकी बेटी सुधा को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने दोनों के साथ मारपीट की। इधर, वारदात की खबर मिलते ही मौके पर पहुंची नौबतपुर पुलिस ने दोनों मां-बेटी को गिरफ्तार कर लिया और थाने ले आयी। आरोपों की मानें तो माधुरी ने अपने बेटों और बेटी के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। इस मामले में अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। शांति देवी के पति स्व. लालदास पासवान फायर ब्रिगेड के रिटायर कर्मी थे। कुछ वर्षों पहले उनकी मौत हो गयी थी। 

ग्रामीणों की मानें तो अहले सुबह आरोपित वृद्धा अपने घर में थीं। उसी वक्त माधुरी, उसके बेटे और बेटी उनके घर में घुस गये। फिर दोनों मां-बेटे के साथ मारपीट करने के बाद उनपर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। घर गांव के किनारे होने के कारण ग्रामीणों ने कुछ समय बाद शोर-शराबा सुना। जब तक सभी लोग वृद्धा के घर तक पहुंचते मां-बेटे जल चुके थे। दोनों शवों को देख ग्रामीण उग्र हो गये और मां-बेटी की पिटाई करने लगे। वहीं, आरोपित महिला के बेटे सोनू, मोनू और सन्नी मौके से फरार हो गये। पुलिस ने शवों को जब्त कर उसे पोस्टमार्टम के लिये भेजा।

करीब 12 दिन पहले बिहटा-सरमेरा पथ के समीप स्थित तीन कट्ठे की जमीन की बिक्री के लिए किसी से शांति देवी ने बात की थी। इसकी जानकारी मसौढ़ी के तारेगना के रहने वाले रविंद्र पासवान की पत्नी माधुरी देवी (60) को मिली। जमीन बिक्री की खबर मिलते ही माधुरी ने वृद्धा और उसके इकलौते दत्तक पुत्र की हत्या की साजिश रच डाली। माधुरी चाहती थी कि शांति उसे अपनी संपत्ति में हिस्सा दे।

इधर, जमीन बिक्री होने की खबर मिलते ही माधुरी अपने तीन बेटों और बेटी के साथ कर्णपुरा में आ धमकी और शांति से झगड़ा करने लगी। संपत्ति को लेकर पारिवारिक कलह होती देख शांति ने अपने बेटे का विवाह बिहटा के राघोपुर में ठीक कर दिया। इस बात का पता चलते ही माधुरी को लगा कि शांति के बेटे की शादी होने के बाद संपत्ति उसे नहीं मिलेगी। आरोप है कि इसके बाद ही माधुरी ने अपनी चाची और भाई को रास्ते से हटाने के लिए दोनों को जिंदा जला डाला। इस घटना के बाद गुहारीदास के बेटे राजकुमार दास ने माधुरी देवी, उसके तीन बेटे सोनू, मोनू और सन्नी व बेटी सुधा पर नामजद केस दर्ज करवाया है। फरार चल रहे माधुरी के बेटों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।