IND vs NZ: मार्टिन गप्टिल ने बताया, रविचंद्रन अश्विन के खिलाफ बल्लेबाजी करना सबसे मुश्किल

न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज मार्टिन गप्टिल ने बताया कि उन्हें भारत के दिग्गज स्पिनर  रविचंद्रन अश्विन के खिलाफ रन बनाना काफी मुश्किल लगता है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह अश्विन की अपनी लाइन, लेंथ और गति पर शानदार कंट्रोल है। चार साल बाद लिमिटेड ओवरों के क्रिकेट में वापसी करने के बाद से अश्विन ने लगातार प्रभावित किया है। टी-20 वर्ल्ड कप में उन्होंने प्रभावी गेंदबाजी की और बुधवार को पहले टी-20 मुकाबले में एक ही ओवर में न्यूजीलैंड के दो विकेट चटकाकर विरोधी टीम की रन गति पर अंकुश लगाया। उन्होंने अर्धशतक जड़ने वाले मार्क चैपमैन और टिम सीफर्ट को आउट किया।

 गप्टिल ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'वह चतुर गेंदबाज है। उसका अपनी लाइन और लेंथ पर शानदार नियंत्रण है। वह खराब गेंद नहीं फेंकता। मुझे याद नहीं कि अपने पूरे करियर में उसने कभी खराब गेंद फेंकी हों।'    उन्होंने आगे कहा, 'उसका गति में बदलाव इतना शानदार और नियंत्रित होता है कि उसके खिलाफ रन बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है।' सलामी बल्लेबाज गप्टिल ने 42 गेंद में 70 रन की पारी खेली लेकिन उनकी टीम को पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा। रविवार को टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में हार के बाद न्यूजीलैंड की यह लगातार दूसरी शिकस्त है।

गप्टिल ने कहा, 'पिछले दो मैचों में हम खराब क्रिकेट नहीं खेले। बात बस इतनी सी है कि हम सही नतीजा हासिल नहीं कर सके। क्रिकेट इसी तरह चलता है। निश्चित तौर पर यह (कार्यक्रम) अलग तरह का है। दो दिन पहले विश्व कप फाइनल और फिर विमान में बैठे और अब हम यहां भारत में एक और सीरीज खेल रहे हैं।' गप्टिल ने चैपमैन के साथ दूसरे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी की और न्यूजीलैंड का स्कोर छह विकेट पर 164 रन तक पहुंचाया। इस सलामी बल्लेबाज का हालांकि मानना है कि उन्होंने 10 रन कम बनाए।

उन्होंने कहा, 'पहले ही ओवर में डेरिल मिशेल का विकेट गंवाना आदर्श स्थिति नहीं थी। लेकिन पिछले कुछ समय से काफी क्रिकेट नहीं खेलने के बावजूद चैपमैन ने जिस तरह सामंजस्य बैठाया और क्रीज पर समय बिताया वह शानदार था। उसके साथ शतकीय साझेदारी से टीम को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचने में मदद मिली। हमने संभवत: 10 रन कम बनाए, मुझे नहीं लगता कि डेथ ओवरों में हम उम्मीद के मुताबिक खेल पाए लेकिन ऐसा होता है।' उन्होंने कहा कि भारत दौरा उन क्रिकेटरों के लिए अच्छा मौका है जो पहले यहां नहीं खेले हैं। हां, यह शानदार है, क्या ऐसा नहीं है? मेरे कहने का मतलब है कि रचिन (रविंद्र) ने इस दौरे पर खेलने की उम्मीद नहीं की थी। चैपमैन और टोड (एस्टल) को भी खेलने का मौका मिला।'